Thursday, 15 April 2021

कोरोना से बचाव की जानकारी देकर मनाया अम्बेडकर जयंती

प्रेस विज्ञप्ति
कवर्धा -  आज दिनाँक 14 अप्रैल को भारत रत्न बोधिसत्व डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती को आस्था समिति के द्वारा विशेष मुहिम के तहत अनोखे अंदाज में मनाया गया। आस्था समिति के अध्यक्ष दौलत राम कश्यप के मार्गदर्शन में संस्था के द्वारा सुबह 7 बजे से सुबह 10 बजे तक कोविड अनुरूप व्यवहार को अपनाते हुए अपने अपने घरों में डब्ल्यूएचओ के गाइडलाइंस अनुसार छह चरणों में हाथ धुलाई का अभ्यास किया गया। इस अभियान में दो जिलों मुंगेली एंव कबीरधाम के कार्यकर्ताओं, वालेंटियर एंव अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। हाथ धुलाई का अभ्यास स्वयं एंव अपने परिवारों के सदस्यों के साथ किया गया। नोवल कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ते जा रहा है इसके प्रभावी रोकथाम के लिए शासन प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देश का कड़ाई से पालन करना है। इसके साथ साथ कोविड अनुरूप व्यवहारों को अपनाने की जरूरत है। इसलिए संस्था के द्वारा अम्बेडकर जयंती पर हाथ धुलाई के अभ्यास का मुहिम किया गया। जिसे सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। इससे लोगों में जागरूकता पैदा होगी। समाज का हर वर्ग कोविड अनुरूप व्यवहारों को अपनाकर कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ेगा। इस मुहिम में कोसमतरा, जगताकापा,  लोहड़िया, लिमो, गांगपुर, पैठुपारा, डंगनिया, अतरिया खुर्द, पथरिया जैसे 15 गांवों, 7 विकासखण्डों एंव 2 जिलों से 50 कार्यकर्ताओं, वालेंटियर एंव सामाजिक कार्यकर्ता अपने अपने घरों से शामिल हुए। सभी के द्वारा डब्ल्यूएचओ के गाइडलाइंस अनुसार हाथ धुलाई का अभ्यास किये एंव फ़ोटो, वीडियो को सोशल मीडिया में साझा भी किये हैं। अम्बेडकर जयंती के इस कार्यक्रम में संस्था प्रमुख दौलत राम कश्यप के साथ चन्द्रकान्त सदस्य आस्था समिति, उमाशंकर कश्यप केन्द्र समन्वयक मुंगेली, चित्रारेखा राडेकर काउंसलर, महेश निर्मलकर, निशा यादव, सविता कार्के, लक्ष्मी नारायण सोनवानी, राजेश कश्यप, रामलाल पटेल आस्था समिति कार्यकर्ता एवं  गाँव के वालेंटियर्स खुशबू कश्यप, आशु कश्यप, अजय कश्यप, रुद्रचरण यादव, राहुल यादव, भगत राम यादव सभी लोगों के द्वारा सहभागिता निभाई गई।

Thursday, 8 April 2021

रोगी अधिकार चार्टर पर सामुदायिक चर्चा

सरायरंजन। 08. 04. 2021 ऑक्सफेम इंडिया के सहयोग से जन स्वास्थ्य अभियान, बिहार और जवाहर ज्योति बाल विकास केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में  सरायरंजन प्रखंड अंतर्गत रायपुर बुजुर्ग पंचायत के रसलपुर गाँव स्थित मछुआरा और रविदास टोला तथा किसनपुर यूसुफ  पंचायत के खालिसपुर मुसहरी  टोला में रोगी अधिकार चार्टर पर सामुदायिक चर्चा का आयोजन किया गया। इन दोनों जगहों पर चर्चा के दौरान सचिव सुरेन्द्र कुमार नें कहा कि तमाम सरकारी प्रयासों के बावजूद रोगियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, अस्पतालों में चिकित्सक व गैर चिकित्सा कर्मचारी का घोर अभाव है। सतत् विकास लक्ष्य को पाने के लिए हमारी सरकारों को और अधिक सार्थक प्रयास करने की आवश्यकता है। रोगी अधिकार घोषणा-पत्र पर सामुदायिक चर्चा करते हुए किरण  कुमारी नें कहा कि लोगों के स्वास्थ्य रक्षा के लिए माकुल उपाए किया जाना और सबके लिए समान स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आवाज उठाना चाहिए।  ललिता कुमारी नें कहा कि आज भी अधिकांश लोग नीजी अस्पतालों में इलाज कराने को विवश हैं। दिनेश प्रसाद चौरसिया नें बताया कि बच्चों और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन के द्वारा हीं उनके स्वास्थ्य के संवैधानिक अधिकारों से आच्छादित किया जा सकता है। वीणा कुमारी नें कहा कि जब तक गाँव-गाँव में सभी सुविधाओं से सुसज्जित सरकारी अस्पताल नहीं होगा, सबके लिए स्वास्थ्य का सपना अधूरा होगा। रविन्द्र पासवान नें कहा कि कोविद-19 के कारण प्रभावित परिवारों और उनके आश्रितों के रोगी अधिकार गौन हो गये थे। इस अवस्था में रोगी घोषणा-पत्र में सार्वभौमिक स्वास्थ्य की परिकल्पना का प्रमाणिक दस्तावेज को अपनाने की आवश्यकता है। रामप्रित चौरसिया नें बताया कि रोगी अधिकार घोषणा-पत्र में वर्णित अधिकारों की जानकारी के लिए व्यापक जन अभियान चलाने की आवश्यकता है, ताकि आम लोग अपनें स्वास्थ्य संबंधी अधिकारों की जानकारी पा सकें और उसके लिए आवाज बुलंद कर पाने में सक्षम हो सकें। वीभा कुमारी नें बताया कि आज भी सुदूर ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य के लिए ग्रामीण चिकित्सकों पर हीं आश्रित रहना मजबुरी है। खासकर गर्भवती महिला को तो किसी भी प्रकार की मानवोचित सुविधा नहीं मिल पाती है। अर्चना कुमारी नें कहा कि किशोरियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकारी अस्पतालों में काउंसिलिंग की सुविधाओं का घोर अभाव है। जब किशोर- किशोरियों का शारीरिक और मानसिक विकास हो रहा होता है, उस समय तथा किशोरियों के मासिक श्राव से संबंधित समुचित जानकारी के लिए स्कूल और स्थानीय सरकारी अस्पतालों में काउंसिलिंग की सुविधाओं का होना आवश्यक है। बलराम चौरसिया नें कहा कि रोगी अधिकार घोषणा-पत्र में वर्णित सभी प्रकार की जानकारी से लैश होकर हम अपनें स्वास्थ्य संबंधी अधिकारों की प्राप्ति के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करें तभी स्वास्थ्य संबंधी सतत् विकास लक्ष्य को हम हासिल कर पाएँगे।
स्थानीय लोगों में प्रमोद सहनी, शोभा कुमारी, शर्मीला देवी,  पार्वती देवी, जूही प्रवीण, महेन्द्र राम, अनिता देवी नें भी अपनें विचारों के माध्यम से रोगी अधिकार घोषणा-पत्र की प्रासंगिकता पर बातचीत की।

Friday, 2 April 2021

डर के आगे जीत है - इस स्लोगन को चरितार्थ करते युवा

एक ओर जहां सारा देश युवाओं की ओर आशा भारी निगाह से देख रहा है । सभी को युवाओं से नए बदलाव की उम्मीद है। इसीलिए तो राजनीति से लेकर शासन की योजनाओं तक मे युवाओं की सक्रिय भागीदारी हेतु अलग अलग तरह से पहल किए जा रहे है । ऐसा ही कुछ छत्तीसगढ़ में भी यूनिसेफ  के पहल युवाओं के सहयोग से  साकार होता दिखाई दे रहा है ।
कोविड जैसी भयंकर महामारी के डर से पूरा विश्व सहमा हुआ है । लॉक डाउन कर शासन लोगों को घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दे रहे है । लोगों के अंदर भी भय व्याप्त है ।
ऐसी परिस्थिति में छत्तीसगढ़ के युवाओं का दो दल NSS की ब्लू ब्रिगेड टीम व बस्तर शासन की पहल पर तैयार *युवोदय* टीम । हर वक्त लोगों की सेवा व मदद के लिए तैयार खड़े है । ये युवा कोरोना महामारी के शुरुआती चरण से ही मैदान में डटे हुए है सिर्फ मैदान ही नही सुदूर पहाड़ी अंचल में सक्रिय है । जहां कोई साधन नही पहुचता वहां जाकर लोगों की मदद करते है । 
आज जब कोविड का टीकाकरण चल रहा है ऐसे में ये युवा गांव गांव जाकर साधन की व्यवस्था कर लोगों को टीकाकरण केंद्रों पर लाते है उन्हें टीका लगवा उन्हें घर तक वापस पहुचाते है । 
इसके साथ ही 4 बिंदुओं पर लोगों को संदेश दे जागरूक भी करते है जिनमे मास्क पहनने की सलाह, एक दूसरे से 6 फ़ीट की शारिरिक दूरी बनाए रखने , साबुन से हाथ धोने और भीड़ भाड़ से बचने की सलाह देकर लोगों की जान की रक्षा कर रहे है । इस टीम को तैयार करने व हर क्षण सहयोग के लिए छत्तीसगढ़ यूनिसेफ की टीम साथ मे खड़ी है । सबसे मुख्य विशेषता यह है कि ये सभी युवा स्वेच्छा से बिना किसी डर व झिझक के इन कार्यों में अपना योगदान दे रहे है जो दूसरे युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय है । 
हम कहते भी हैं और सुनते भी है कि युवा देश का भविष्य होता है यह अगर प्रत्यक्ष में देखना है तो आप NSS के ब्लू ब्रिगेड व बस्तर के युवोदय टीम से मिलकर देख सकते है । 

Testimonial – Sanjay Sharma

Sanjay Sharma is a seasoned social development practitioner with over 30 years of dedicated experience working in the remote tribal regions ...