Thursday, 10 March 2016

रांची में वाणी की कार्यशाला संपन्न



ईस्टर्न रीजन में स्वेच्छिक संस्थाओं व वाणी सदस्यों के साथ स्वेच्छिक संस्थाओं के “ अवसर व चुनौतिया” विषय पर २४ फरवरी २०१६ को ईस्टर्न रीजन के तहत झारखण्ड राज्य की राजधानी रांची के ए वी एन ग्रांड होटल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया |
इस कार्यशाला में एफ सी आर ए में किए गए बदलावों के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी दी गई साथ ही इस्टर्न रीजन हब के कार्यालय व कार्यो के सम्बन्ध में भी जानकारी दी गई | इसके साथ ही फंड व क्षेत्रीय चुनौतियों पर साथियो द्वारा चर्चा की गई जिसके पश्चात अवसर के रूप में सी एस आर के सम्बन्ध में जानकारी दी गई तथा आगे सी एस आर व स्वेच्छिक संस्थाओं की डायरेक्टरी बनाने की जानकारी भी दी गई |

“स्फेयर इंडिया का जॉइंट रैपिड नीड एसेसमेंट प्रशिक्षण “



स्फेयर इंडिया रायपुर द्वारा वृन्दावन हाल रायपुर में स्वेच्छिक संस्थाओं के साथ जॉइंट रैपिड नीड एसेसमेंट विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आपदा के समय किस तरह से तत्काल राहत उपलब्ध कराया जाता है उसकी विधि व मोबाइल एप के माध्यम से कैसे सहायता दिलाई जाती है उसकी जानकारी प्रदान की गई |

चमरीन बाई के प्रयास से ग्राम में काम शुरू हुआ



छत्तीसगढ़ राज्य के धमतरी जिला में स्थित ग्राम हर्राकोथी निवासी चमरीन बाई सिन्हा अपने ग्राम की निरस्त किए राशन कार्ड को पुन: जोड़ने, आधार कार्ड बनाने ,स्मार्ट कार्ड बनाने,मनरेगा के तहत काम खुलवाने हेतु पंचायत से लेकर जनपद व जिला पंचायत यहाँ तक की कलेक्टर से भी आवेदन देकर समस्याओं का निराकरण करने की माँग की चमरीन बाई के बार कलेक्टर से मिलने व मांग करने से ग्राम में मनरेगा के तहत काम शुरू किया जिससे काफी लोगो को मजदूरी करने के लिए काम प्राप्त हुआ जिससे उनके घर का जीविकोपार्जन सुचारू रूप से चलने लगा |
                        साभार : रचना मंच –धमतरी

समस्याओं का अम्बार व सुविधाओं का आभाव



बिहार राज्य के वैशाली जिला अंतर्गत लालगंज प्रखंड पुरखौली पंचायत के समसपुरा गाँव में रहने वाली चैती देवी का दिनांक ६ जनवरी २०१६ को भूख से मौत के खबर की वास्तविक स्थिति का पता लगाने हेतु स्वेच्छिक संस्थाओं की ओर से जांच दल का गठन किया गया जिसमे मानव अधिकार संगठन पैरवी नई दिल्ली के दीनबंधू वत्स जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र समस्तीपुर से सुरेन्द्र कुमार, बिहार लोक अधिकार मंच समस्तीपुर से सुश्री सोनाली कुमारी ,समाजवादी महिला महा सभा समस्तीपुर से श्रीमती अंजू कुमारी ,अखंड एकता समस्तीपुर के निदेशक श्री राजीव गौतम व औलिया ,अध्यात्मिक अनुसंधान केंद्र वैशाली के सचिव श्री रामकृष्ण को शामिल किया गया |
यह दल दिनांक २५ जनवरी २०१६ को ग्राम समसपुरा पहुच कर वहा के प्रधान शिक्षक ,वार्ड सदस्य व कई अन्य ग्रामीण महिला पुरुषो से चर्चा किए |
चर्चा से यह पता चला की चैती को उसका पति ५ वर्ष पूर्व उसे छोड़ कर चला गया उसके बाद से उसका मौसेरा भाई उसका व उसके तीन बच्चो का पालन पोषण करता था  बाद में उसका बड़ा बेटा जो की १२ वर्ष का था झारखण्ड राज्य में जाकर ताड़ी बेचने के काम में लग गया | जिससे कमा कर अपनी माँ व भाई बहन का पेट भरता था |
समसपुरा ग्राम में शासन की कोई भी योजना सही तरीके से संचालित नहीं हो रही है राशन दूकान वर्ष में सिर्फ ४ या ५ बार ही खुलता है , सभी के राशन कार्ड डीलर के पास ही रखे रहते है | अनाज भी कम  मात्रा में देता है बोलने पर लोगो को डराता धमकाता है | आंगनबाडी भी सही तरीके से संचालित नहीं होती मनरेगा योजना के बारे में लोगो को कुछ भी नहीं पता | सरकार द्वारा घोर उपेक्षा किए जाने  के कारण ही बच्चो को बाल मजदूरी करनी पद रही है व लोग भूखे मरने को मजबूर है |
                               साभार : सुरेन्द्र कुमार (सचिव)
                    जवाहर ज्योति बाल विकास केंद्र ,समस्तीपुर

बच्चो को मिला खिलौना



 ग्राम कचार के आंगन बाडी खिजुर पारा में नगन बाडी निगरानी समिति तथा श्रमिक स्वराज संगठन के सदस्यों के साथ बैठक करके यह चर्चा किया गया की आंगनबाडी में क्या क्या समस्याए है और बच्चो के लिए क्या चीज की समस्या है इस पर कार्यकर्ता लालो व ने बताई की हमारे आंगनबाडी में खेल सामग्री नहीं है और जो है वो भी टूटा हुआ है ,बच्चो के लिए ड्रेस सभी बच्चो के लिए नहीं है और आंगनबाडी के पास हैण्ड पम्प भी नहीं है | चर्चा के बाद प्रेरक पन्मेस्वरी ने प्रयोजना के लिए आवेदन बनाई और निगरानी समिति से हस्ताक्षर करवाई तथा संस्था के सुपरवाइजर सिकन्दर को दी और वह जाकर प्रयोजना में दिया और फिर दो – तीन दिन बाद प्रयोजना से श्रीमती लालो को फोन लगा कर बोली की आंगनबाडी की शिकायत आया है आप अपने निगरानी समिति के सदस्यों को लेकर लुन्ड्रा आओ बोली |
ग्राम कछार के खिजुर पारा की आंगनबाडी कार्यकर्ता वंहा के निगरानी समिति के सदस्यों को लेकर लुन्ड्रा गई फिर प्रयोजना के साथ चर्चा किया गया की ये आवेदन किसने बनाई है | फिर कार्यकर्ता ने कहा की शिकायत नहीं है
ये मांग है की जहा कुछ कमी रहती है वंहा सार्थक जन विकास संस्थान के सदस्यों द्वारा आवेदन बनाकर किया जाता है तो यह काम प्रेरक पन्मेस्वरी ने बच्चो के लिए किया है | तब प्रयोजना ने बोली ठीक है आप लोग खिलौना व ड्रेस १० सेट बच्चो के लिए ले जाओ फिर बाद में टाट पत्ती और वजन मशीन आएगा तो आपके आगन बाडी निगरानी समिति तथा श्रमिक स्वराज के प्रयास से बच्चो को खिलौना तथा १० सेट ड्रेस मिला |
                           साभार :सार्थक जन विकास समिति

Testimonial – Sanjay Sharma

Sanjay Sharma is a seasoned social development practitioner with over 30 years of dedicated experience working in the remote tribal regions ...