*जन जुड़ाव* अनमोल फाउंडेशन द्वारा संचालित एक ऐसा मंच है जो जमीनी स्तर किए जा रहे छोटे छोटे स्वेच्छिक प्रयासों की सफल कहानियों, शासकीय योजनाओं व जनहित से जुडी कानूनी जानकारियों को संग्रह कर प्रसारित करने हेतु तैयार किया गया है
Thursday, 25 December 2025
कभी विकास का भागीदार बनते देखा है विस्तापित परिवारों को ...
Wednesday, 24 December 2025
रायपुर में स्वराज संवाद कार्यशाला
Thursday, 31 July 2025
छत्तीसगढ़ में स्वैच्छिक संस्थाओं के सशक्तिकरण पर कार्यशाला सम्पन्न
Sunday, 20 July 2025
पर्यावरण संरक्षण पर अनमोल फाउंडेशन के सीईओ के विचार को दैनिक भास्कर ने दिया स्थान
Friday, 18 July 2025
लीला देवी ने अपने हाथों बांस से बने समान देकर किया स्वागत
Thursday, 17 July 2025
आय को बढ़ाने किसानों से चर्चा
Tuesday, 15 July 2025
कुपोषण दूर करने पोषण वाटिका अभियान
सब्जियों के बीज अंकुरित होने लगे हैं और जल्द ही रोपाई के लिए तैयार हो जाएंगे।
अनमोल फाउंडेशन पोषण वाटिका अभियान के तहत वंचित एवं आर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय के परिवारों के साथ अभियान चलाकर सब्जी की खेती को बढ़ावा दे रहा है।इस अभियान के तहत घर के आसपास सब्ज़ियों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए लोगों को सब्ज़ियाँ दी जा रही हैं। बाकी प्रक्रियाएँ समुदाय के सहयोग से पूरी की जा रही हैं।फाउंडेशन का उद्देश्य है:
1- समुदाय को सब्जियों के रूप में पौष्टिक भोजन मिले।
2- सभी का स्वास्थ्य बेहतर हो।
3- बच्चों और महिलाओं को सब्जियों से पोषक तत्व मिलें।
4- कोई भी कुपोषण का शिकार न हो।इन उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए, फाउंडेशन लोगों से सब्जियां उगाने और उन्हें अपने आहार में शामिल करने का आग्रह कर रहा है।
Monday, 14 July 2025
बच्चों को प्रेरित करने के लिए जुड़ाव जरूरी
Sunday, 13 July 2025
सुविधा सम्पन्न कृषक उत्पादन ले पैसे काम रहे, लघु कृषक अब फसल लगा रहे
Saturday, 12 July 2025
बांस के पारम्परिक उद्योग समस्याओं से जूझ रहे
Friday, 11 July 2025
शुद्ध देशी जंगली पौधों की नर्सरी
Thursday, 10 July 2025
बरसात में जलाऊं लकड़ी को पारम्परिक तरीके से सुरक्षित रखते है गांव के लोग
Wednesday, 9 July 2025
औषधीय गुणों का भंडार है ये लाल फूल
आपने धनिया, टमाटर और अदरक की चटनी के बारे में तो खूब सुना होगा. लेकिन, आज हम आपको एक ऐसे लाल फूल की चटनी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसको अगर आप एक बार चख लें तो उसका टेस्ट आप कभी नहीं भूल पाएंगे.
छत्तीसगढ़ में इस फूल को खेतों में अपने फसलों के किनारे में लगाते हैं. कई जगहों पर तो इसकी भरपूर खेती करते हैं। यह फूल कई पोषक तत्वों से भरपूर है, जो की हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है.
छत्तीसगढ़ में तो इसके पत्ते की भाजी व फूलों की चटनी तथा पौधों के ताने से रस्सी बनाते हैं । कई मल्टीपर्पज उपयोग है इसका । अब इसकी रस्सी की जगह प्लास्टिक ने ले ली है ।
नई जेनरेशन इतना मेहनत नहीं करना चाहती और व्यापारी भी इतना मेहनत नहीं करना चाहते । प्लास्टिक की तरफ ही भाग रहे क्योंकि उन्हें वो आसान लगता है । जबकि प्लास्टिक पर्यावरण के लिए घातक है और ये हमारा घरेलू उद्योग पर्यावरण फ्रेंडली है ।
Sunday, 6 July 2025
देशी जामुन गरीबों को मिठास देने के साथ साथ स्वास्थ्य का भी खयाल रखते हैं
Saturday, 5 July 2025
पारम्परिक बीजों का संरक्षण जरूरी
Thursday, 3 July 2025
मेहनत जब फल देने लगे
Tuesday, 1 July 2025
जरूरत से ज्यादा अपेक्षा नहीं इसलिए मुस्कुराते हैं
Monday, 30 June 2025
आंगनबाड़ी न होने से सुविधाओं से वंचित बच्चे
Friday, 27 June 2025
मानसून की दस्तक के साथ किसान तैयार
Wednesday, 25 June 2025
नशा शरीर के साथ - साथ परिवार व समाज का नाश कर देता है
Co-Creating the Swaraj Learning System (SLS): A National Dialogue on Indigenous Knowledge, Community Learning and Leadership
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