जांजगीर चम्पा जिले के डभरा विकास
खंड में विकलांग संघ का गठन वर्ष २००६ में किया गया | संघ के स्थापना के समय २०
सदस्य थे | अभी वर्तमान में ६० सदस्य है | विकलांगो द्वारा अपने – अपने ग्राम में
अपने स्तर पर पेंशन के लिए आवेदन दे रहे थे ,परन्तु एक वर्ष तक किसी को भी पेंशन
नहीं मिला , तब सभी ने विकलांग संघ के माध्यम से सभी का प्रमाण पत्र बनवाए व
सामूहिक रूप से आवेदन तैयार कर , जनपद पंचायत डभरा में सामूहिक रूप से आवेदन तैयार
कर जमा किए फिर उसे बार – बार जाकर दबाव बनाते रहे तब जाकर अप्रेल २००८ में २४
लोगो को पेंशन मिलना प्रारम्भ हो गया और शेष लोगो का आवेदन लगाया गया है | विकलांग
संघ का माह में एक बार प्रत्येक माह कि ५ तारीख को बैठक किया जाता है और इसमे जो
भी नए बिकलांग आते है , उन्हें पेंशन ,प्रशिक्षण प्राप्त करने , लों प्राप्त करने
हेतु मार्गदर्शन किया जाता है | इस प्रकार पिछले २ वर्षो से भटक रहे विकलांगो को
उनके संगठित प्रयास से स्थानीय समस्याओं का समाधान स्वयं करने लगे है |
*जन जुड़ाव* अनमोल फाउंडेशन द्वारा संचालित एक ऐसा मंच है जो जमीनी स्तर किए जा रहे छोटे छोटे स्वेच्छिक प्रयासों की सफल कहानियों, शासकीय योजनाओं व जनहित से जुडी कानूनी जानकारियों को संग्रह कर प्रसारित करने हेतु तैयार किया गया है
Thursday, 7 January 2016
वनाधिकार यात्रा
एकता परिषद् द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य कि राजधानी रायपुर में वन भूमि पर काबिज परिवारों की विशाल रैली का आयोजन किया गया जिसमे लगभग 5000 के आसपास छत्तीसगढ़ व पड़ोसी राज्यों के वन भूमि पर काबिज परिवारों के ग्रामीण आदिवासियों ने भाग लिया | वनाधिकार यात्रा के माध्यम से सरकार के समक्ष कुछ मांगे राखी गई जिनमे सामुदायिक दावा प्रपत्रों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर अधिकार पत्र दिया जाए | जिन काबिज परिवारों को व्यक्तिगत रूप से अधिकार पत्र नहीं प्राप्त हुआ है उन्हें अधिकार पत्र प्रदान किया जाए |
“महिला व मीडिया“ विषय पर आक्सफैम की कार्यशाला
आक्सफैम
रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में अलग –अलग जिलो में क्षेत्रीय स्तर पर कार्यशालाओं
का आयोजन कर महिलाओं कि स्थिति को लेकर विश्व विद्यालय ,प्रशासन ,स्वेच्छिक
संस्थाओं व जन संगठनों तथा छात्र –छात्राओं के साथ बड़े स्तर पर संवाद स्थापित किया
गया | जिसके फलस्वरूप छत्तीसगढ़ कि राजधानी रायपुर में अपने कार्यशालाओं के अनुभवों
को साझा करने तथा मीडिया में महिलाओं कि स्थिति पर संवाद स्थापित कर महिलाओं के
लिए सकारात्मक वातावरण का निर्माण करने हेतु राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित कि गई
जिसमे कालेजो से पत्रकारिता कि पढ़ाई करने वाले छात्र –छात्राओं ,उनके प्रोफेसर
,मिडिया से पत्रकार व स्वेच्छिक संस्थाओं को आमंत्रित किया | उपरोक्त विषय पर गहन
चर्चा हुई व तय किया गया कि मीडिया में वातव महिलाओं के लिए जो स्थान होना चाहिए
वो होता नही है उसमे सुधार किया जाना चाहिए |
एफ सी आर ए रिटर्न जमा करने कि तिथि बढ़ी
गृह
मंत्रालय भारत सरकार ,नई दिल्ली द्वारा प्रत्येक वर्ष एफ सी आर ए रिटर्न 31
दिसम्बर तक जमा कराया जाता था लेकिन इस वर्ष गृह मंत्रालय अपने वेबसाइड में तकनीकी
समस्या आने से संस्थाओं को रिटर्न भरने में काफी कठिनाई हो रही थी जिसके लिए
लगातार गृह मंत्रालय पर दबाव पड रहा था जिसके पश्चात मंत्रालय ने रिर्टन जमा करने कि
तिथि आगे बढ़ा कर 15 मार्च 2016 कर दिया गया जिससे संस्थाओं को काफी रहत मिली इस
कार्य में वाणी द्वारा लगातार प्रयास किया गया |
घरेलु महिला हिंसा विषय पर कार्यशाला
एम.एस.के.पी.पी. व छ.ग.महिला अधिकार मंच के संयुक्त तत्वावधान में २९
अक्टूबर २०१५ को छतीसगढ़ राज्य के बिलासपुर जिले में घरेलु महिला हिंसा अधिनियम
२००५ के सफल क्रियान्वयन विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया था जिसमे राज्य में
कार्यरत सभी महिला संगठनो के प्रमुख ,राज्य स्तर पर कार्यरत संस्थाए व सरकार कि ओर
से विधिक सहायता प्राधिकरण के सचिव , पुलिस विभाग से महिला सेल कि प्रभारी एडिशनल
एस .पी. ,छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य ,केन्द्रीय विश्व विद्यालय से
प्रोफेसर व छात्राएं भाग ली|
कार्यक्रम में घरेलु महिला हिंसा कानून के सम्बन्ध में विस्तार से चर्चा हुई
तथा राज्य में वर्तमान स्थिति पर समीक्षा भी कि गई | कुछ अनुशंसाए भी निकल कर आई
जिनमे प्रमुख अनुशंसाए है ,शासन द्वारा पूर्ण कालिक ,संरक्षण अधिकारी की नियुक्ति
की जाए , हर जिले में सेवा प्रदाता के लिए महिला संगठनो को प्राथमिकता के आधार पर
नियुक्ति की जाए , महिला एवं बाल विकास संचालनालय में इस अधिनियम के क्रियान्वयन
हेतु मूल्याकन करने हेतु नियमित बैठके होनी चाहिए जिसमे जमीनी स्तर पर सक्रीय
महिला संगठनो से सुझाव और सलाह मशविरा किया जाना चाहिए ,गरीब व पीड़ित महिलाओं के
लिए संवेदनशील और प्रशिक्षित महिला वकील आसानी से निशुल्क सेवा हेतु उपलब्ध कराई
जाए ,कानून में दिए गए प्रावधानों को तत्काल लागू किया जाए ,जिससे महिला गृह
,चिकित्सा सुविधा तत्काल उपलब्ध कराया जाए , ये सभी अनुशासाए महिला आयोग कि सदस्य
श्रीमति हर्षिता पाण्डेय जी के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन को भेजा गया |
मेहनत रंग लाई और कर्ज से मुक्ति मिली
छत्तीसगढ़ राज्य के अंतर्गत जांजगीर चम्पा जिले में विकास खंड
डभरा में महानदी के तट पर बसे ग्राम बसंतपुर में ३५ वर्षीय श्रीमती चन्द्रकान्ति यादव
रहती है | ४ साल पहले इनका परिवार का भरण पोषण मजदूरी से चल रहा था |साथ ही अन्य खर्चो के लिए स्थानीय
साहुकारो से कर्ज भी ले लिए थे | सृजन केंद्र के साथ महिला स्वय सहायता
समूह के माध्यम से जुड़ कर सब्जी खेती करना शुरू किया , कुछ समय तो सीखने में लगा लेकिन जिससे
बहुत फायदा नहीं हुआ लेकिन उसके बाद लगातार टमाटर ,सूरजमुखी ,तरबूज,प्याज,बैगन,व तिवरा का खेती किया जिसमे अच्छा
मुनाफा हुआ जिससे ये बैल जोड़ी भी खरीद ली और कर्ज कि राशि भी साहूकार को लौटा दी | अब अपने परिवार के साथ सुख पूर्वक
जीवन यापन कर रही है , साथ ही ग्राम के विकास में भी अपनी
उपस्थिति दर्ज करा है |
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