Sunday, 12 January 2025

विवेकानंद जयंती पर स्वैच्छिक संस्थाओं ने विभिन्न कार्यक्रमों का किया आयोजन



अम्बिकापुर/ युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी  के जयंती के अवसर पर स्थानीय घड़ी चौक में स्थित स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर नवा बिहान  नशामुक्ति अम्बिकापुर के सदस्यों के  द्वारा  माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद जी के संदेशों का वाचन किया गया ।तथा उनके द्वारा समाज एवं राष्ट्र के प्रति बताये गये विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का सभी ने संकल्प लिया। 
इस दौरान नवा बिहान नशा मुक्ति परामर्श केंद्र के सभा कक्ष में आयोजित संगोष्ठी में नवा बिहान के संयोजक एवं मुख्य कार्यकारी चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी अम्बिकापुर मंगल पाण्डेय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार और उनके समाज व राष्ट्र के लिए किया गया कार्य हर पीढ़ी के लिए शिक्षाप्रद एवं उनके द्वारा बताये गये राह पर चलने को प्रेरित करेगा। न सिर्फ युवाओं को बल्कि समस्त वर्ग को स्वामी विवेकानंद के विचार प्रेरित करता है। 
कवि एवं नवा बिहान नशामुक्ति परामर्श केंद्र के काउन्सलर  -वरिष्ठ समाजसेवी कवि , साहित्यकार संतोष दास "सरल " ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कविता की पंक्ति -"बढ़ो संकल्पित लक्ष्य लिए, नियति से करो द्वंद्व, संघर्ष, परिश्रम, त्याग, तप से तुम बनो विवेकानंद " कहते हुए कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद को केवल जानना पर्याप्त नहीं है, हम सब समाजसेवा से जुड़े हुए हैं, उनके द्वारा बताये गये विचारों में से किसी एक विषय पर भी ईमानदारी से आगे बढ़े, तो समाज में परिवर्तन लाने की दिशा में बेहतर कार्य कर सकते हैं। 

संगोष्ठी को अपने विचारों को रखते हुए नवा विहान के काउन्सलर  वरिष्ठ सदस्य एवं आर्ट ऑफ लिविंग के सरगुजा प्रभारी अजय तिवारी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए योग और अध्यात्म के प्रति उनके जुड़ाव की जानकारी दी कि हम कैसे विवेकानंद बने। 

कार्यक्रम का संचालन नवा बिहान नशा मुक्ति के समन्वयक एवं सीजीपीवीएस के मुख्य कार्यकारी अनिल  कुमार मिश्रा ने किया। इस दौरान समाजसेवी विजय शंकर तिवारी,  विवेक दुबे, मुकेश तिवारी,अंचल ओझा, उमाशंकर पाण्डेय, संतोष तिवारी,अमृत लाल प्रधान,विजय उपाध्याय, हिना खान, अंचल सिन्हा,मनोज सिंह, वेदान्त तिवारी, ,नीरज वर्मा, तपेश्वर एवं गजेन्द्र कुमार उपस्थित रहे।

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