*जन जुड़ाव* अनमोल फाउंडेशन द्वारा संचालित एक ऐसा मंच है जो जमीनी स्तर किए जा रहे छोटे छोटे स्वेच्छिक प्रयासों की सफल कहानियों, शासकीय योजनाओं व जनहित से जुडी कानूनी जानकारियों को संग्रह कर प्रसारित करने हेतु तैयार किया गया है
Thursday, 25 June 2020
Thursday, 4 June 2020
Monday, 1 June 2020
Saturday, 30 May 2020
COVID-19 की रोकथाम व् प्रभावितों के सहयोग हेतु NGOs के प्रयास
अपनी बात
...........
कोरोना वाइरस विश्व महामारी (2019-20) इसकी
शुरुआत एक नए किस्म के कोरों वाइरस (2019 –nCoV) के संक्रमण के रूप में मध्य चीन
के वुहान शहर में मध्य दिसम्बर में हुई | पहला मामला 1 दिसम्बर 2019 को चीन के
वुहान शहर के हुबेई में मिला | चीनी वैज्ञानिकों ने बाद में इसे कोरोना वाइरस की
पहचान की जिसे 2019 –nCoV प्रारम्भिक पदनाम दिया गया | 23 जनवरी 2020 को विश्व
स्वास्थ्य संगठन ने प्रकोप को अन्तराष्ट्रीय चिंता का एक सार्वजनिक स्वास्थ्य
आपातकाल घोषित करने के खिलाफ फैसला लिया | 20 मार्च 2020 तक थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, जापान, ताइवान,
मकाऊ, हान्कान्ग, संयुक्त राष्ट्र अमेरिका, सिंगापुर, वियतनाम, भारत, ईरान, ईराक,
इटली, कतर, दुबई, कुबैत और अन्य 160 देशों में पुष्टि के मामले सामने आए |
30 जनवरी 2020 को भारत में फैलने की पुष्टि हुई
थी | भारत में पहला मामला त्रिशुर, केरल में आया था | बाद में धीरे धीरे कई
राज्यों में फैलता गया | 20 मार्च को पुरे देश में लाक डाउन किया गया जिसके पश्चात
24 मार्च से पूर्णत: लाक डाउन पुरे देश में कर दिया गया | भारत में अभी तक 33,050
केश की पुष्टि हुई है जिसमे से 8,325 मामले ठीक हो चुके है और 1,074 की मृत्य हो
चुकि है | ये आंकड़े आज 26 अप्रैल तक के है
|
छत्तीसगढ़ में 38 प्रकरण की पुष्टि हो चुकि है 22
प्रकरण ठीक हो चुके है 16 का इलाज चल रहा है | 18 मार्च को रायपुर में पहला कोविड
संक्रमण की पुष्टि हुई | छत्तीसगढ़ में जब देश में पहला लाक डाउन 22 मार्च को हुआ
तो उसमे छत्तीसगढ़ भी शामिल रहा लेकिन छत्तीसगढ़ शासन ने लाक डाउन को राज्य स्तर पर
उसे सत्ता बनाए रखा जिसके बाद 24 मार्च को पुन: 14 अप्रेल, 3 मई और अब 17 मई तक के
लिए पुरे देश में लाक डाउन लागू कर दिया
गया |
अचानक से लाक डाउन लगाने के कारण बहुत सारी
चुनौतियां खडी हुई एक तरफ पैसे वाले लोग दुकानों से 6-6 महीने के राशन जमा कर लिए
वही गरीब व् मजदूर लोगो के लिए रोजगार की चुनौती सामने आ गई | इससे भी ज्यादा
स्थिति उन लोगों की हुई जो बाहर से आए हुए श्रमिक या राज्य के श्रमिक जो बाहरी
राज्यों में गए हुए है | केंद्र व राज्य सरकारों ने ऐसे श्रमिकों के लिए खाने व
रहने के लिए पर्याप्त घोषनाएं की बावजूद इसके कही न कही गैप रह गया और श्रमिको के
समक्ष बहुत सारी चुनौतियां दिखाई पद रही है | राज्य से बहुत सारे श्रमिक सैकड़ों
किलोमीटर पैदल निकल कर अपने घरो की ओर जाने लगे साथ ही बाहर रह रहे मजदुर भी अपने
राज्य में पैदल चलकर अपने गाँव आने लगे जो की एक बड़ी चुनौती खडी हो गई | शासन इस
दिशा में लगातार कार्य कर रही है | लेकिन सफलता कितनी दूर है यह ख पाना संभव नही
क्योकि ब्यूरोक्रेट्स के काम करने के अपने तरीके है | छत्तीसगढ़ में जिन जिलों से अभी तक कोरोना जो
मामले आए है उनमे रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, दुर्ग, सूरजपुर, जशपुर,
कवर्धा व् धमतरी शामिल है |
आपका
संजय शर्मा
COVID –
19 - स्वेच्छिक संस्थाओं के प्रयास
अचानक
लाक डाउन लगाने की वजह से चारो ओर अफरा तफरी का महौल हो गया | लाक डाउन के बारे
में जो लोग जानते थे और जिनके पा स पैसा था वे सब लाक डाउन की घोषणा होते ही
दुकानों की ओर दौड़ पड़े किसी ने 3 माह तो किसी ने 6-6 माह तक के सामान घरों में जमा
कर लिए | ऐसी स्थिति में गरीब वर्ग घबरा गया क्या करे उसे समझ नही आया जो रोज
कमाते रोज खाते थे ऐसे लोगो के लिए तो यह मुसीबत का पहाड़ टूट पडा | ऐसी स्थिति सभी
जगहों पर थी और इससे हमारा छत्तीसगढ़ भी अछूता नही था | ऐसे समय में राज्य में
कार्यरत स्वेच्छिक संगठन, क्लब, गुरुद्वारे,विभिन्न समाजो के संगठन आगे आए लोगों
को मदद करने | तत्काल राहत सामग्री लेकर |
छत्तीसगढ़
राज्य में कार्यरत कुछ संस्थानों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में राहत राशि प्रदान की
है इन संस्थानों में लोक शक्ति रायगढ़ – 5100/- सहभागी समाज सेवी संस्था 1,00,000/-
साथी समाज सेवी संस्था 1,20,000/- सरगुजा ग्रामीण विकास संस्थान 5100/-
एग्रोक्रेट्स सोसाइटी 5100/- बस्तर जन विकास समिति 10200/- शामिल है |
छत्तीसगढ़
राज्य में COVID-19 की रोकथाम व इससे प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राज्य में
जमीनी स्तर पर कार्यरत आगे आई उनके बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दे रहे है :-
गैर
सरकारी संगठन द्वारा COVID-19 के लिए शासन को सुझाव
स्वेच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा ZOOM वीडियों कांफ्रेंसिंग
के माध्यम से मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय सलाहकार श्री राजेश तिवारी जे
के साथ चर्चा कर स्वेच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा सुझाव दिए गए जिनमे से
मुख्य सुझाव इस प्रकार है :- कोरोना वाइरस के सम्बन्ध में जागरूकता, सोशल
डिस्टेंसिंग के सम्बन्ध में लोगो को जानाकारी बढाने का प्रयास | ग्रामों में
सामूहिक स्थानों पर स्वच्छता |
कोरोना वाइरस की रोकथाम में NGOs की भागीदारी सुनिश्चित करना | सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए MNREGA के तहत
कार्य शुरू कराना | MNREGA के तहत जल प्रबंधन या
खेती से सम्बन्धित कार्य ही किया जाना चाहिए | महिला समूह या ग्राम संगठन के
माध्यम से वनोपज संकलन का कार्य कराया जाना चाहिए | थर्ड जेंडर के जरूरतमंद लोगो
को खाने की व्यवस्था करनी चाहिए | खेती से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देना चाहिए ताकि
स्थाई रोजगार मिल सके और आजीविका सुरक्षित हो सके | इन सुझावों में से कुछ सुझावों
पर तत्काल कार्य शुरू हो गया है |
कासा- Church’s Auxiliary For Social Action रायपुर
द्वारा COVID-19 से प्रभावित परिवारों के सहायता हेतु अपने 11 पार्टनर व नेटवर्क संस्थाओं
के साथ मिलकर 9 जिलों के 14 विकास खंडों के 132 ग्राम पंचायतों में 6860 जरुरतमन्द
बाहर राज्यों से आए दिहाड़ी श्रमिक व स्थानीय दिहाड़ी श्रमिक, PVTG, वरिष्ठ नागरिक,
एकल महिला आदि जरूरत मंदों को तत्काल राहत सामग्री प्रदान कर उन्हें भूखे रहने से
बचाया साथ ही सभी परिवारों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मास्क भी वितरिक
किया गया | कासा अपने सहयोगी संस्थाओं के साथ ज्यादातर सुदूर अंचल में राहत
सामग्री वितरित की लेकिन कासा की रायपुर की खुद टीम ने रायपुर शहर के झुग्गी झोपडी
क्षेत्र विनोवा भावे नगर के मोहल्ले में जाकर जरूरतमंद 50 परिवारों को मास्क व
राहत सामग्री वितरित किया |
अनमोल
फाउंडेशन- अनमोल फाउंडेशन राज्य में COVID-19 की रोकथाम
की दिशा में चलाए जा रहे प्रयासों को आगे बढाते हुए लोगों के बीच जागरूकता, तत्काल
राहत व एड्वोकेशी कार्यक्रम चलाया जा रहा है | फाउंडेशन ने राज्य स्तर पर whatsup
में वालंटियर ग्रुप बना कर राज्य में बाहर से आए हुए श्रमिक जो लाक डाउन के कारण
फंस गए है उनकी जानकारी संकलित कर अपने नेटवर्क के माध्यम से उन्हें भोजन व आवास के
लिए मदद दिला कर सहयोग किया जा रहा है जिसके तहत राज्य के भीतर फंसे मजदूरों जो
पैदल अप ने घरों के लिए निकल गए वैसे 400 से ज्यादा मजदूरों को रास्ते भोजन व
रात्रि में ठहरने के लिए सहयोग किया | तथा राज्य के जो
मजदुर बाहर के राज्यों में लाक डाउन की वजह से फंसे है ऐसे 150
मजदूरों को खाने व रहने की व्यवस्था अपने बाहर के राज्यों के साथियों की मदद से
कराई गई | फाउंडेशन सरगुजा जिले अंबिकापुर व् मैनपाट विकासखंड में कासा के सहयोग से 50 जरूरतमंद परिवारों को
खाद्यान सामग्री दिया जा रहा है तथा हेल्पेज इंडिया के सहयोग से 100 वरिष्ठ
नागरिको को खाद्यान व सेनेटाईजर किट वितरण किया जा रहा | फाउंडेशन ने अपने नेटवर्क
साथी की मांग पर बिलासपुर के कोटा विकासखंड के के 48 ग्राम में शासन द्वारा संवाद
कर मनरेगा कार्य प्रारंभ कराया जिससे उन ग्रामों के लोगों को रोजगार मिल सका | अनमोल
फाउंडेशन द्वारा दान संकलन अभियान चला सहयोग एकत्र किया जा रहा जिसकी मदद से 100
परिवारों को मदद देने की योजना है | सोशल मीडिया व ब्लॉग के माध्यम से लोगो तक
जानकारी पहुचा कर जागरूक करने का कार्य किया जा रहा | * जन जुड़ाव * न्यूज लेटर का प्रकाशन कर
स्वेच्छिक प्रयासों को अन्य संस्थाओं व् शासन तक पहुचाना ताकि इन प्रयासों में मदद
के लिए और लोग आगे आएं |
जन
कल्याण सामाजिक संस्थान – JKSS संस्था
राजनांदगाँव जिले के 6 विकासखंड अंतर्गत 130 ग्राम पंचायतों के COVID 19 से
प्रभावित 500 परिवारों को राहत सामग्री वितरित कर सहयोग करने का प्रयास कर रही है
| इन परिवारों में एकल महिलाएं, विधवा महिलाएं,वरिष्ठ नागरिक, HIV संक्रमित व बाहर
राज्यों से आने वाले श्रमिक शामिल है | JKSS ने अपने क्षेत्र में COVID-19 की
रोकथाम के लिए जागरूकता हेतु दीवाल लेखन, पोस्टर के माध्यम से जानकारी देने के
साथ साथ हाथ धोने के तरीके के बारे में लोगों को बता रही है | इसके
साथ ही क्षेत्र से बाहर राज्यों को गए मजदूरों की जानकारी संकलित कर उन्हें वापस
लाने की दिशा में शासन कर साथ समन्वय का कार्य कर रही है | क्षेत्र में बंद पड़े
मनरेगा के 10 ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू कराया जिससे 500 लोगों को COVID के
दौरान काम मिल सका | 20 ऐसे परिवारों को राशन दिलाने में मदद किए जिनके पास राशन
कार्ड नही थे तथा 10 स्रामो जो महाराष्ट्रा से पैदल चलकर आ रहे थे उन्हें भोजन
कराया | संस्थान लगातार लोगों की मदद के लिए कार्य करते आ रही है ताकि किसी भी
व्यक्ति को कोई परेशानी न हो और शासन के सभी गाइडलाइन का पालन करते कर रही है |
सहभागी
समाज सेवी संस्था – सहभागी समाज सेवी संस्था द्वारा राज्य के 2
जिले कांकेर जिले में 10 विकास खंड के 384 ग्रामों में 11000 जरूरतमंद परिवारों को राहत सामग्री देकर मदद की
जा रही है | सहभागी संस्थान ने खाद्य
सामग्री के अलावा स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु मास्क व् सैनिटाईजर किट भी
प्रदाय किया जा रहा है | संस्थान ने अपने महिला समूहों को रोजगार देने के उद्देश्य
से मास्क बनाने का कार्य अपने महिला स्वंय सहायता समूहों के माध्यम से कराया जिससे
समूह की 20 महिलाओं को रोजगार भी मिला | इसके साथ ही संस्थान मनरेगा का काम दिलाने
की व्यवस्था शासन से संवाद कर की | सहभागी द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष में
जरुरतमंदों की मदद के लिए 1 लाख रुपए दान स्वरूप दिए गए | यह राशि संस्थान ने अपने
कार्यकर्ताओं के एक दिन के मानदेय राशि से जमा कर दिया गया | संस्थान पैदल चल कर
अपने घरों को जा रहे मजदूरों को रास्ते में भोजन करा कर मदद करते आ रही है ताकि
कोई श्रामिक भूखा न रहे |
प्रेरक
समाज सेवी संस्था – प्रेरक संस्थान गरियाबंद जिले में 19 ग्राम
पंच्यातों में 150 जरूरतमंद परिवारो को खाद्यान सामग्री वितरित कर उनकी मदद कर रही
है साथ 1000 परिवारों
को मदद करने का लक्ष्य रखा है | संस्थान जिले में लोगों को COVID -19
से रोकथाम के उपायों के सम्बन्ध में लोगों को दीवाल लेखन के माध्यम से जानकारी
देकर जागरुक कर रही है | साथ ही लोगों को
सोशल डिस्टेंसिग के बारे भी लोगो को जागरूक कर सुरक्षित करने का प्रयास कर रही है|
महिला शिक्षा कल्याण प्रशिक्षण परिषद (MSKPP)-
संस्थान COVID -19 की रोकथाम की दिशा में बिलासपुर जिले मस्तुरी विकासखंड में 5
ग्राम पंचायतो के 500 परिवारों को खाद्य सामग्री व सैनिटाईजर किट वितरण किया जा
रहा है साथ ही बिलसपुर के स्लम क्षेत्र में सैनिटाईजर किट का वितरण किया जा रहा है साथ ही
सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में लोगों को जानकारी देकर उसकी पालन करने के लिए जागरूक
किया रहा है ताकि कोरोना वाइरस को रोका जा सके |
जन
स्वास्थ्य सहयोग संस्थान – बिलासपुर जिले के कोटा विकास खंड के अंतर्गत
आने वाले ग्राम में हमारे जन स्वास्थ्य सहयोग संस्थान के साथी श्री अनिल बम्हने जी
ने नेटवर्क के साथ मिलकर बाहर के राज्यों से आकर मजदूरी करने वाले श्रमिक जो की
लाक डाउन के कारण पैदल ही अपने ग्रामों को जाने के लिए निकल गए ऐसे
श्रमिकों को रास्ते में खाने व् रात में रहने की व्यवस्था में मदद कर रहे है | साथ
ही क्षेत्र के लोगो को रजगार से जोड़ने के लिए अनमोल फाउंडेशन के साथ जुडकर पैरवी
कर काम शरू कराए जिससे लोगों को रोजगार प्राप्त हो सका |
जनहित छत्तीसगढ़ विकास समिति –
बिलासपुर ईकाई रायपुर के ग्राम पंचायत बिलादी में सविता पाटिल पूर्व कोशाध्यक्ष
जनहित के नेतृत्व में महिला मजदूरों को साथ ग्रामीण महिलाओं को संगठन द्वारा मास्क
वितरण किया गया साथ ही डिटाल से हाथों को धुलवाते हुए कोरोना से कैसे बचाव करें
इसकी जानकारी दी जा रही है | आस्था महिला ग्राम संगठन बिलाडी आजीविका मिशन
बिहान क्लस्टर के वी ओ तथा संगठन बिलाडी पंचायत क्षेत्र में कोई भूखा न रहे उन पर भी
जानकारी हासिल कर रहे है ताकि कोई मजदूर , घुमन्तु समुदाय जो रोज मांग कर खाते है
उनकी स्थिति कमजोर है उनको भी घर में रहकर परिवार कोरोना वाइरस से बचाने हेतु
सुझाव दिया जा रहा है | साथ जनहित संस्थान पैदल अपने घरो को जा रहे श्रमिकों को
रास्ते में नास्ते पानी का प्रबंध कर सहयोग कर रहे है |
धरोहर समाज सेवी संस्था – संस्थान द्वारा कोरिया जिले
सोनहत विकास खंड अंतर्गत ग्रामों में लोगो को सोशल डिस्टेंसिंग व कोरोना से बचाव
के उपायों के बारे में जानकारी देकर जागरुक किया जा रहा है | साथ ही बलरामपुर जिले
में भी संस्था ने दुसरे राज्यों के मजदूरों को जो पैदल जा रहे है उनके भोजन पानी
की व्यवस्था करने में सहयोग कर रही है | संस्थान जरुरतमंद परिवारों को खाद्य
सामग्री की मदद कर उन्हें सहयोग भी कर रही है जिससे लोगों के सामने कोई समस्या
निर्मित न हो और कोरोना से लड़ाई लड सकें |
RTE
फॉर्म द्वारा वेबनायर का आयोजन
RTE
फोरम द्वारा “Webinar on Reaffrming the Right to Education in Challenging Times”
विषय प्र आयोजित ZOOM मीटिंग किया गया | मीटिंग में स्पीकर प्रो.आर
गोबिन्दा फारमर VC NUEPA & Distinguished Prof. CSD. व
डाक्टर एन्नी कोशी प्रिंसिपल सेंत मेरी स्कुल व् प्रो. अनिता रामपाल दिल्ली
विश्वविद्यालय द्वारा संबोधित कर वर्तमान COVID 19 से प्रभावित शिक्षा के सम्बन्ध
में चर्चा की गई व साथ ही शासन द्वारा डिजिटल माध्यम से चलाए जा रहे शिक्षा में हो
रही त्रुटियों के बारे में बातें रखी गई | निर्णय लिया गया कि RTE फोरम
को इस पर आगे आकर कार्य करना चाहिए तथा शासन को सुधार हेतु सुझाव देना चाहिए | ZOOM
मीटिंग का सफल आयोजन संयोजन RTE फोरम के श्री अम्बरीश राय जी द्वरा किया गया |
सृष्टि
संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयास
राजनांदगांव जिले में सृष्टि संस्था कोरोना वाइरस से प्रभावित
परिवारों की मदद के लिए आर्थिक रूप से सक्षम ग्राम पंचायत की मदद लेकर सहयता करने
का प्रयास कर रही है | अपने प्रयास की इसी कड़ी में संस्था ग्राम सभा भीमनपायली के
सहयोग से जरूरतमंद परिवारों की मदद की |
इसके अलावा सृष्टि संस्थान पशु पक्षियों को भी बचाने हेतु प्रयास कर रही है
|
श्रम
विकास संस्था द्वारा वृद्ध व विधवा महिलाओं को मदद
COVID-19
से प्रभावित हर तरफ लोगो है ऐसे में श्रम विकास संस्थान लोरमी विकास खंड में
वरिष्ठ
नागरिक व विधवा, परित्क्य्ता महिलाओं को चयन कर उन्हें भोजन सामग्री
देकर मदद करने का प्रयास कर रही है जो की सराहनीय कदम है अभी तक संस्था 12 ऐसे
परिवारों को चयन कर खाद्यान का मदद कर चुकि है और यह प्रयास लगातार जारी है |
छात्राओं
का उत्साह
एक ओर जहा COVID 19 के खतरे को देखते हुए सभी पेरेंट्स अपने अपने
बच्चो को घर में सुरक्षित रखने में लगे है वही कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता
विश्वविद्यालय की 2 छात्राए रूमाना खान व अनुभूति चंद्राकर ने अपने घर जाकर वहां
जरूरतमंद लोगों की सेवा करना अपना कर्म समझा | चुकि ये दोनों छात्राएं सोशल वर्क
विषय में मास्टर डिग्री कर रही है तो कुछ प्रेरणा उनके विश्वविद्यालय से मिला कुछ
इनके परिवार से और रूमाना ने अम्बिकापुर में व अनुभूति कुरुन्द में लोगों को मास्क
व खाद्य सामग्री देकर मदद कर रही है |
तेजस्विनी फाउंडेशन के प्रयास
तेजस्विनी फाउंडेशन ने भिलाई में COVID – 19 की रोकथाम की दिशा में
महिला समूहों के साथ मिलकर मास्क तैयार कर जरुरतमन्द लोगों में नियमित वितरित कर
रही है साथ ही नगर निगम के वार्ड पार्षद को प्रेरित कर मोहल्लों में ब्लीचिंग
पाउडर का छिडकाव व सफाई में मदद कर रही है इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों को खाद्य
सामग्री भी देने का प्रयास कर रही है |
जन सेवा
केंद्र द्वारा मास्क वितरण
जन सेवा
केंद्र द्वारा अपने महिला समूहों के साथ मिलकर घरेलु मास्क तैयार अपने आसपास के
लोगो के बीच वितरित कर कोरोना वाइरस को रोकने का प्रयास कर रहे है
अनमोल
फाउंडेशन एक परिचय – गाँव गरीब और किसान की जल, जंगल, जमीन,
शिक्षा, स्वास्थ्य तथा आजीविका से जुडी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उनके बीच
सामुदायिक सहभागिता के साथ विकास को एक दिशा देने का प्रयास फाउंडेशन के माध्यम से
किया गया |
पहुंच
विहीन क्षेत्रों व ग्रामों में PVTG, आदिवासी व् गरीब समुदायों के पुरुष, महिला व्
अब्च्चों के साथ मिलकर सहभागी प्रक्रिया से कार्यक्रमों का निर्माण व संचालन करना
जन जुड़ाव
c/o अनमोल फाउंडेशन
सेक्टर-3, डीडीयुनगर CSEB आफिस के पास
रायपुर 492010 छत्तीसगढ़
Mobil-
9754332440/8319877575
Email-janjudaw@gmail.com
Sunday, 17 May 2020
Tuesday, 5 May 2020
RTE फोरम द्वारा आयोजित वेबनायर
आज हमने *RTE फोरम* द्वारा *Webinar on Reaffirming the Right to Education in Challenging Times* विषय पर आयोजित ZOOM मीटिंग में भाग लिया।
मीटिंग के स्पीकर प्रो.आर.गोबिंदा फारमर वी सी NUEPA & Distinguished Prof. CSD
डॉक्टर एन्नी कोशी, प्रिंसिपल सेंट मैरी स्कुल व प्रो.अनिता रामपाल,Educationist, दिल्ली यूनिवर्सिटी शामिल हुए सभी स्पीकर ने वर्तमान शिक्षा की स्थिति पर अपने विचारो को रखा ।
COVID19 के कारण बच्चों की शिक्षा की स्थिति व डिजिटलाइजेशन के माध्यम से हो रही पढ़ाई की स्थिति के सम्बंध में चर्चा हुई ।
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