Tuesday, 26 October 2021

*पर्यावरण को बचाना है,तो शेयरिंग कम्युनिटी अपनाना होगा*


रायपुर: 26 अक्टूबर - अनमोल फाउंडेशन द्वारा कट्स इंटरनेशनल जयपुर के सहयोग ग्रीन एक्शन वीक अभियान के तहत शेयरिंग कम्युनिटी कार्यक्रम के अनुभवों को साझा करने हेतु होटल मयूरा रायपुर में एक दिवसीय  स्टेक होल्डर कार्यशाला का आयोजन किया गया। 
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अनमोल फाउंडेशन के निदेशक श्री संजयशर्मा जी ने अतिथियों का गुलदस्ता देकर स्वागत करते हुए ग्रीन एक्शन वीक अभियान 2021 तथा शेयरिंग कम्युनिटी कार्यक्रम के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए, ठोस अवशिष्ट प्रबंधन, पेपर बैग, किचन वेस्ट प्रबंधन, ई वेस्ट प्रबंधन, प्लास्टिक के प्रयोग को बंद करने के सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया की इस अभियान से लोग जुड़कर अब घरेलू कचरों का अलग तरह से प्रबंधन करने लगे है ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उपाध्यक्ष श्रीमती चित्रलेखा साहू जी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शेयरिंग कम्यूनिटी हमारी पारम्परिक परम्परा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी हमारे लोग जरूरत की चीजों को आपस मे एक दूसरे से लेकर काम चलाते है जिससे आपसे भाईचारा भी बना रहता है खपत पर नियंत्रण भी रहता है । लोग जरूरत के हिसाब से ही खरीददारी करते है । यह सिर्फ शहरों में ही है जहां लोग आवश्यकता से अधिक समान की खरीदारी करते है । 
कार्यक्रम में भिलाई स्टील प्लांट के पूर्व जनरल मैनेजर श्री वेंकट सुब्रमण्यम ने इंडस्ट्री में हो रहे रोजाना खनिज की खपत पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अब प्लांट में भी नए तकनीक की मदद से कम खपत में उत्पादन लेने का प्रयास किया जा रहा है। इंडस्ट्री में बेकार सामानों को पुनः उपयोग पर कार्य किया जा रहा है । हेल्पेज इंडिया के राज्य प्रमुख श्री शुभांकर विस्वास जी ने शेयरिंग कम्युनिटी का प्रयोग पुनः किया जाना जरूरी है जिससे पर्यावरणीय परिवर्तनों को कम किया जा सके व आने वाली पीढ़ी  के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकें।
एम एस के पी पी की अध्यक्ष हेमलता साहू जी ने ने जैविक खेती को बढ़ावा देने व उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों के अनुभवों को साझा किया गया । जनहित संस्थान के निदेशज रोहित पाटिल जी पर्यावरण संरक्षण के साथ आजीविका को भी कैसे सुरक्षित रखते हुए महिलाएं आगे बढ़ रही है उन अनुभवों को रखा । कार्यक्रम में जीपीआरएस की निदेशक गायत्री सिंह, ग्रीन आर्मी के अध्यक्ष पुरुषोत्तम चंद्राकर, आई जी एस एस एस से प्रेमानन्द जी ने अपने अनुभवों को साझा किया । 
कार्यक्रम में राज्य में कार्यरत विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं व समुदाय आधारित संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए ।
कार्यक्रम का संचालन व आभार प्रदर्शन संजयशर्मा जी द्वारा किया गया ।

Sunday, 10 October 2021

देशी बीजो का संरक्षण संवर्धन

जन स्वास्थ्य सहयोग गनियारी बिलासपुर पारम्परिक फसलों धान की कई किस्मो व मिलेट्स के बीजों का अवलोकन करते हुए अनमोल फाउंडेशन के निदेशक संजयशर्मा 

Tuesday, 5 October 2021

अनमोल फाउंडेशन ने कोटा में ग्रीन एक्शन वीक अभियान का शिविर का आयोजन किया

ग्रीन एक्शन वीक अभियान के तहत अनमोल फाउंडेशन द्वारा रायपुर शहर अन्तर्गत कोटा में किचन वेस्ट प्रबंधन, ई वेस्ट प्रबंधन, पेपर वेस्ट प्रबंधन, सामुदायिक बुक बैंक के सम्बंध में  उन्मुखीकरण किया गया। इस शिविर में पढ़ने वाले बच्चों ने भाग लिया जो स्वैच्छिक कार्यकर्ता के रूप में छोटे -छोटे इकोफ्रेंडली ग्रुप बनाकर अपने मोहल्ले में वृक्षारोपण व तालाब की सफाई का कार्य करते रहते है । 
ग्रीन एक्शन वीक अभियान भारत मे 12 राज्यों में कट्स इंटरनेशनल जयपुर के सहयोग से संचालित किया जा रहा है । यह अभियान सभी 12 राज्यों में एक साथ 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक चलाया जाएगा । इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समुदायों के बीच अपने सामानों का आदान प्रदान कर सहयोग करना ताकि उत्पादन को कम किया जा सके । 
पर्यावरण की सुरक्षा की दिशा में यह एक प्रभावी कदम के रूप में देखा जा रहा है । सतत विकास लक्ष्य- 12 के अंतर्गत इसे देखा जा रहा है।  अनमोल फाउंडेशन रायपुर शहर के अलग अलग मोहल्लों में हस्ताक्षर अभियान, क्षमता वृद्धि शिविर संचालित कर ज्यादा से ज्यादा  लोगों को जोड़ने व जागरूक करने का कार्य करेगी । 

भारत के 12 राज्यों के साथ छत्तीसगढ़ में भी ग्रीन एक्शन वीक अभियान की शुरुआत

ग्रीन एक्शन वीक (GAW) कट्स इंटरनेशनल जयपुर द्वारा 4 से 10 अक्टूबर, 2021 तक 12 राज्यों में 12 सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर सतत उपभोग पर महामारी के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के उद्देश्य से ग्रीन एक्शन वीक मनाया जा रहा है | यह अभियान हर साल अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में मनाया जाता है |

वैश्विक स्तर पर ग्रीन एक्शन वीक अभियान, स्वीडिश सोसाइटी फॉर नेचर कंजर्वेशन (एसएसएनसी) के द्वारा चलाया जा रहा है जिसे भारत में कट्स के सहयोग से संचालित किया जा रहा है | पुरे विश्व में स्थायी खपत को बढ़ावा देने के लिए यह अभियान चलाया जाता है इसमें अफ्रीका, एशिया, यूरोप, उत्तर और दक्षिण अमेरिका के 40 देशों में लगभग 60 संगठन 2021 में अभियान में भाग ले रहे हैं, इसे वैश्विक अभियान के रूप में जाना जाता है । भारत में CUTS इंटरनेशनल का मुख्यालय जयपुर राजस्थान में स्थित है वैश्विक उपभोक्ता वकालत के लिए कार्य करता है |  

अभियान का विषय  का विषय "साझा समुदाय" 2021 है। वर्ष 2018 से अभियान ने साझा करने और सहयोग की संस्कृतियों को प्रोत्साहित करने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। इस वर्ष अभियान केन्द्रित होगा जो वस्तुओं और सेवाओं का स्थाई खपत व टिकाऊ पहुँच स्थापित कर सके | “इस साल का अभियान महामारी के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसका स्थायी खपत पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। महामारी के कारण प्लास्टिक की खपत में जबरदस्त वृद्धि हुई थी; मास्क, दस्ताने, फेस शील्ड, पीपीई किट, सैनिटाइजर बोतल आदि के बढ़ते उपयोग के कारण भारत में सिंगल-यूज प्लास्टिक ने बड़ी वापसी की है। चूंकि काम और शिक्षा ऑनलाइन हो गई है इसलिए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का उपयोग तेजी से बढ़ा, लैपटॉप की बिक्री में वृद्धि हुई। केरल राज्य में ही 400 प्रतिशत और राजस्थान में 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई जिसके कारण एक अनुमान है कि भारत 2021 तक 5.2 मिलियन टन ई-कचरा उत्पन्न करेगा। सार्वजनिक परिवहन की कमी और शारीरिक दूरी के मानदंडों के कारण निजी वाहनों का उपयोग पूर्व महामारी के स्तर से अधिक हो गया। जैविक उत्पादों के उत्पादन और खपत में 70-80% की वृद्धि हुई है, क्योंकि उपभोक्ता प्रतिरक्षा को वायरस से लड़ने के लिए बेहतर मानते हैं।

कट्स इंटरनेशनल के निदेशक जॉर्ज चेरियन ने कहा कि इस साल अभियान इनमें से कुछ मुद्दों को पर केंद्रित होगा। CUTS इंटरनेशनल जीएडब्ल्यू अभियान के संचालन के लिए 12 राज्यों में 12 संगठनों के साथ भागीदारी और समर्थन कर रहा है, वे राज्य हैं: राजस्थान के अलावा आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड। यह स्थायी खपत पर काम करने वाले संगठनों का एक नेटवर्क बनाने में मदद करेगा और वसूली योजनाओं के पुनर्निर्माण के लिए सामूहिक वकालत को मजबूत करेगा जो मौजूदा रुझानों को उलट देगा और खपत पैटर्न को अधिक टिकाऊ भविष्य की ओर बदल देगा, श्री चेरियन ने कहा।

छत्तीसगढ़ में यह अभियान अनमोल फाउंडेशन रायपुर के साथ मिलकर संचालित किया जा रहा है जिसकी शुरुआत ४ अक्टूबर से की जा रही है | इस अभियान में रायपुर शहर के अंतर्गत कचरा प्रबंधन, किचन वेस्ट प्रबंधन, ई वेस्ट प्रबंधन, प्रदुषण से बचाव के तरीकों आदि पर लोगों को जागरूक किया जाएगा |

संजय शर्मा –निदेशक - अनमोल फाउंडेशन रायपुर छत्तीसगढ़

Thursday, 30 September 2021

महामारी के कारण "एसडीजी के विभिन्न लक्ष्यों को प्राप्त करने में कठिनाई

रायपुर, 30 सितंबर, 2021 विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु पूर्व में सहस्राब्दी विकास लक्ष्य (एमडीजी) निर्धारित किया गया था, जो पूरी तरह से विकासशील देशों पर लागू होता था | लेकिन इसके ठीक विपरीत , सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सभी देशों पर लागू होते हैं। एसडीजी के कार्यान्वयन में भारत की साढ़े पांच साल की प्रगति के मूल्यांकन से पता चलता है कि भारत को सतत उपभोग और उत्पादन (एसडीजी 12) के किसी भी उद्देश्य को पूरा करने के लिए प्रभावी निगरानी और डाटा संग्रह ढांचे की जरूरत है, 30 सितंबर, 2021 कट्स इंटरनेशनल जयपुर, अनमोल फाउंडेशन रायपुर व ताजी योजना आयोग के संयुक्त तत्वावधान में होटल बेबीलान इंटरनेशनल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में राज्य योजना आयोग, छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष श्री अजय कुमार सिंह, जी ने मुख्य अतिथि के रूप में अपने मुख्य भाषण में कट्स इंटरनेशनल द्वारा किए गए अध्ययन के निष्कर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि महामारी के हानिकारक प्रभाव और अन्य कारकों के कारण, 2015 की तुलना में 2030 तक कई संकेतकों की स्थिति और खराब हो सकती है। प्राथमिक चिंता यह है कि एसडीजी 12 पर डेटा के ज्ञान, समन्वय और संग्रह और संकलन की कमी है। कट्स इंटरनेशनल के निदेशक श्री जॉर्ज चेरियन ने चिंता व्यक्त करते हुए अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों के बीच ज्ञान की कमी के कारण कई राज्यों की स्थायी पहल की कई उपलब्धियों का पता नहीं चल पाता है, एसडीजी और इसकी प्रासंगिकता के बारे में एसडीजी रिपोर्टिंग में सक्रिय कुछ लोगों को छोड़कर रिपोर्ट नहीं किया जाता है। ।
विभिन्न विभागों के अधिकांश कर्मचारियों को पता नहीं कि एसडीजी क्या है। एसडीजी कार्यान्वयन में राज्य स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण बाधाएं सरकारी अधिकारियों के बीच ज्ञान की कमी के साथ-साथ धन और तकनीकी कर्मचारियों की कमी के रूप में दिखाई देती हैं, जिसके परिणामस्वरूप खराब निगरानी और रिपोर्टिंग होती है। अगर इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है, तो यह टिकाऊ खपत और उत्पादन के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों और प्रयासों पर एक नकारात्मक तस्वीर दिखा सकता है। CUTS इंटरनेशनल का SDG 12 के सम्बन्ध में किया गया शोध "सतत उपभोग और उत्पादन - एक उपभोक्ता परिप्रेक्ष्य," उपभोक्ताओं के दृष्टिकोण से SDG 12 पर ध्यान केंद्रित करता है, एक गाइड के रूप में उपभोक्ता संरक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र दिशानिर्देश (UNGCP) का उपयोग करता है। अन्य उद्देश्यों के साथ इसकी परस्पर प्रकृति के कारण, यह सोचा गया था कि एसडीजी 12 के तहत किसी देश की प्रगति की जांच और विश्लेषण किसी भी अन्य लक्ष्य की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण है। लगभग सभी लक्ष्य एसडीजी 12 से जुड़े हुए हैं, जिसका अर्थ है कि एजेंडा 2030 की ओर देश की प्रगति एसडीजी 12 द्वारा उठाई गई समस्याओं को ठीक से संबोधित और हल किए बिना पूरा नहीं किया जा सकता है। स्वीडिश सोसाइटी फॉर नेचर कंजर्वेशन (SSNC) के साथ साझेदारी में SDG 12 शीर्षक "सतत उपभोग और उत्पादन - एक उपभोक्ता परिप्रेक्ष्य" पर अध्ययन, मुख्य रूप से उपभोक्ता संरक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र दिशानिर्देश (UNGCP) के आधार पर SDG 12 को एक उपभोक्ता दृष्टिकोण से देखा गया। अन्य लक्ष्यों के साथ जुड़ाव के कारण, यह सोचा गया था कि एसडीजी 12 का अध्ययन करना किसी अन्य लक्ष्य का अध्ययन करने से अधिक महत्वपूर्ण था। 2030 तक एसडीजी 12 में उठाई गई समस्याओं को ठीक से हल किए बिना पूरा नहीं किया जा सकता है,| डॉ. के. सुब्रमण्यम, सदस्य, राज्य योजना आयोग, छत्तीसगढ़ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि टिकाऊ या जिम्मेदार उपभोग व्यवहार में दुनिया को बदलने की क्षमता है। टिकाऊ उपभोग की आदतों और प्रवृत्तियों को बढ़ावा देकर सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उपभोक्ताओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संबंधी मार्किंग सिस्टम को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। अनूप कुमार श्रीवास्तव, सदस्य सचिव, राज्य योजना आयोग, छत्तीसगढ़ ने एसडीजी पर सरकार की विभिन्न योजनाओं और पहल पर प्रकाश डाला। एक सफल सतत विकास एजेंडा के लिए सरकार, व्यापार और नागरिक समाज के बीच भागीदारी आवश्यक है।, सतत विकास लक्ष्यों की उपलब्धि का समर्थन करने के लिए ज्ञान, विशेषज्ञता, प्रौद्योगिकी को जुटाने और साझा करने के लिए बहु-हितधारक साझेदारी की आवश्यकता है। अक्षय ऊर्जा, पर्यावरण, शहरी विकास, कृषि, एनआरएलएम, पर्यटन, वन और अन्य सहित 12 सरकारी विभागों ने अपने कार्यक्रमों व् अनुभवो को तकनीकी सत्र के दौरान रखा, अमर दीप सिंह, सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर कट्स द्वारा संचालित एसडीजी12 से संबंधित विशिष्ट प्रगति और कार्यक्रमों को साझा किया। उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ विभिन्न क्षेत्रों और विभागों की सर्वोत्तम प्रथाओं और पहलों का दस्तावेजीकरण करके सतत उपभोग और उत्पादन (एसडीजी 12) पर अपने प्रदर्शन में सुधार कर सकता है। CUTS के अमित बाबू ने कार्यशाला में अध्ययन को प्रस्तुत किया | कार्यक्रम का संचालन व आभार अनमोल फाउंडेशन के निदेशक श्री संजय शर्मा ने किया | कार्यक्रम 12 शासकीय विभागों के साथ – साथ कई जिलों से स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए |

Tuesday, 21 September 2021

संगम महिला बहुउद्देश्यीय सहकारी समिति द्वारा घरेलू उत्पाद का निर्माण

संगम महिला बहुउद्देशीय सहकारी समिति करहीकछार के  सदस्यों से अनमोल फाउंडेशन के निदेशक श्री संजयशर्मा जी ने मुलाकात की और उनके काम के बारे में जाना एवं सदस्यों को प्रोत्साहित किये। समिति की महिलाएं कई घरेलू उत्पाद का निर्माण स्वंय कर रही है जिनमे हैंडवाश, सेनेटरी नैपकिन, रागी, सत्तू आदि प्रमुख है । समिति की महिलाओं द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय है । उनके द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों को सरकार को देखना चाहिए व उन्हें प्रोत्साहित करने हेतु शासन की योजनाओं से सहयोग भी करना चाहिए ।समिति की महिला सदस्यों ने अपने द्वारा बनाये हुए उत्पाद श्री संजयशर्मा जी को सादर भेंट किये।

Wednesday, 15 September 2021

बीएनपैलेश रायपुर में ग्राम अधिकार मंच की बैठक

रायपुर : ग्राम अधिकार मंच के पदाधिकारियों के साथ बी एन पैलेश में बैठक कर मंच को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई । सभी पदाधिकारियों ने अपने अपने सुझाव दिए । 
मंच को शसक्त बनाने हेतु मुट्ठी चावल, सदयता शुल्क, श्रमदान से कार्यक्रम का संचालन पर चर्चा के साथ - साथ लोगो ने अपने खेत मे कम से कम 10 डिसमिस जमीन पर मंच के लिए अनाज पैदा करेंगे । जिससे मंच का कोष तैयार होगा । 
जल्द से जल्द मंच का संसाधन केंद्र के निर्माण को लेकर भी चर्चा की गई जिसे बरसात के बंद होने के बाद उसे पर काम शुरू किया जाने का निर्णय हुआ । निर्माण में संगठन के सभी सदस्य श्रमदान कर सहभागिता करेंगे । सभी पदाधिकारियों ने मंच के संस्थापक श्री संजयशर्मा जी के कार्यक्षेत्र में आने का न्योता दिया । इस अवसर पर मंच संयोजक श्री राकेश राय व अध्यक्ष श्री सुरित साय जी उपस्थित रहे । 

यूथ चैंपियन–स्वराज संवाद

दिनांक: 22 सितंबर 2026 | माध्यम: ऑनलाइन प्रतिभागिता: 6 जिलों से 10 युवा बैठक का उद्देश्य “स्वराज के विचारों को कैसे मजबूत करें औ...