16 दिसम्बर 2015 प्रधानमत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY) की केंद्र सरकार द्वारा शुरुआत, जिसका उद्देश्य खनन प्रभावित लोगों व क्षेत्र के कल्याण के लिए DMF निधि के उपयोग पर दिशा- निर्देश देना है |
प्रदेश में 27 जिलों में DMF ट्रस्ट गठित हुआ है, परन्तु कोंडागांव, सुकुमा और नारायणपुर जिले में ट्रस्ट शुरू नही हुआ है,
जिले में खनन करने वाली कम्पनी को चाहे निजी क्षेत्र की हो या सार्वजनिक, सीधे DMF ट्रस्ट के खाते में टी रायल्टी का 10% या 30% जमा करना होगा
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प्रत्यक्ष
प्रभावित क्षेत्र
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अप्रत्यक्ष
प्रभावित क्षेत्र
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इसे क्षेत्र जहाँ उत्खनन, खुदाई, विस्फोटन, प्रसंस्करण एवं अपशिष्ट
निपटान आदि जैसे प्रत्य्स्कः खनन से अम्बन्धित सञ्चालन होता है |
यह किसी गाँव, झा खदान चलाती हो, उसकी पंचायत, ब्लाक या जिले तक हो
सकता है |
इसे गाँव जहां खनन प्रभावित परिवारों को बसाया गया हो
इसे गाँव जो अपने परम्परागत अधिकारों व उपभोग ( जैसे चारे, लघु
वनोपज आदि ) जी जरूरतों को पूरा करने के लिए खनन क्षेत्र पर निर्भर हो |
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जहां सम्बंधित संचालनो के कारण आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय
दुष्परिणाम पड़ते हो तथा जिसकी वजह से पानी, मिटटी और वायु गुणवत्ता में गिरावट
होती हो, ह्रास हो सकता है, भू- जल स्तर में कमी प्रदुषण भीड़ और खनिज परिवहन से
अधो संरचना पर दबाव शामिल है
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प्रत्यक्ष
प्रभावित लोग / समुदाय
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प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले प्रभावित और विस्थापित परिवार और
सम्बंधित ग्राम सभाओं द्वारा सम्यक रूप से चिन्हित परिवार | इसे व्यक्ति जिनके,
खनन की जा रही भूमि पर वैधानिक, व्यवसायिक पारम्परिक व उपभोग अधिकार हो |
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उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र
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अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्र
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पेयजल आपूर्ति , स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता व् शिक्षा
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भौतिक अधोसंरचना
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पर्यावरण संरक्षण व प्रदुषण नियंत्रण उपाय
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सिचाई
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कृषि व सम्बद्ध कार्य
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ऊर्जा एवं जल विभाजक विकास
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महिला एवं बाल कल्याण व् वृद्धजन एवं निशक्तजनो का कल्याण
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राज्य सरकार द्वारा निर्देशित अन्य अधोसंरचना के कार्य
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कौशल विकास एवं रोजगार और जन कल्याण की कोई भी योजना
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