*जन जुड़ाव* अनमोल फाउंडेशन द्वारा संचालित एक ऐसा मंच है जो जमीनी स्तर किए जा रहे छोटे छोटे स्वेच्छिक प्रयासों की सफल कहानियों, शासकीय योजनाओं व जनहित से जुडी कानूनी जानकारियों को संग्रह कर प्रसारित करने हेतु तैयार किया गया है
Thursday, 17 March 2022
Tuesday, 15 March 2022
शांति सद्भावना को बढ़ाने प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
कवर्धा - शांति सद्भावना मंच, छत्तीसगढ़ एवं आस्था समिति कवर्धा के द्वारा भारतीय सामाजिक संस्थान नई दिल्ली के सहयोग से नागरिक मंच के प्रतिनिधियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण 14 एवं 15 मार्च 2022 को सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण का आयोजन सभाकक्ष आस्था समिति ऊर्जा पार्क, कवर्धा में किया गया। कार्यक्रम में विशेष संरक्षित जनजाति PVTGs बैगा, शिक्षक, प्रोफ़ेसर, प्राचार्य, राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र छात्रा, नागरिक मंच के सदस्य जिले के सभी विकासखंडों के 40 गांव एवं मुंगेली जिले से कुल 100 सौ से अधिक लोगों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का शुभांरभ छत्तीसगढ़ के राज्य गीत अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार से किया गया। सभी उपस्थित प्रतिभागियों को भारत के संविधान की प्रस्तावना का वाचन कराया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ डेंजिल फर्नाडीज ने कहा कि समाज में फैली असमानताओं को दूर करने अपील किया। भारत देश में अनेकों जाति, धर्म के लोग निवास करते हैं फिर भी बिना किसी भेदभाव के एक दूसरे का सहयोग करते हुए मिल-जुलकर रहते हैं। ऐसे विविधता को देखते हुए हम गर्व से कह सकते हैं कि हमारे देश में विविधता में एकता है। उन्होंने कहा कि नफ़रत से किसी पंथ, समाज को देखते हैं तो अशांति फैलती है। शांति सद्भावना को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरणा देते हुए कहा कि प्रेम, अमन और बंधुत्व का प्रसार करें। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना के उद्देशिका के आलोक में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न वक्ताओं ने अपने अपने विचार व्यक्त किये। जिसमें संविधान, मौलिक अधिकारों, मौलिक कर्तव्यों को विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम को ईतवारी राम मछिया बैगा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सभी को आगे बढ़ने के शिक्षा के साथ शांति सद्भावना कायम करते हुए कार्य करना होगा। उन्होंने बताया कि अभी बैगा समाज छत्तीसगढ़ शासन के साथ मिलकर बैगा भाषा, बोली, संस्कृति, वर्णमाला, कहानी किताब के अभिलेखीकरण, दस्तावेजीकरण करके संरक्षित एवं संवर्धित करने का कार्य कर रहे हैं। आगे भविष्य में बैगा PVTGs अपनी भाषा बोली में पढ़ाई कामकाज कर सकते हैं। मो0 एम0 जाफर हुसैन द्वारा राज्य में शांति सद्भावना मंच के कार्यों की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में दौलत राम कश्यप के द्वारा नागरिक मंच, विद्यार्थी मंच द्वारा किये गए उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी दी जिसमें पौधरोपण, स्वच्छता, शांति सद्भावना कायम करने के लिए जमीनी स्तर पर बदलाव को अवगत कराया। शाम को सुकर सिंह बैगा, धनिया बाई बैगा, कली बाई बैगा, अत्तु बैगा, गौठू बैगा की बैगा सांस्कृतिक धरोहर की भव्य प्रस्तुति हुई।
प्रशिक्षण में डॉ डेंजिल फर्नाडीज निदेशक भारतीय सामाजिक संस्थान नई दिल्ली के मुख्य आतिथ्य, ईतवारी राम मछिया बैगा PVTGs प्रदेश अध्यक्ष आदिम जाति बैगा समाज छत्तीसगढ़ सदस्य राज्य योजना आयोग टास्क फोर्स छत्तीसगढ़ शासन के अध्यक्षता, विशिष्ट अतिथि डॉ याकुब कुजुर निदेशक जीवन विकास मैत्री संस्थान पत्थलगांव, रामकुमार सिन्हा पूर्व सभापति जनपद पंचायत कवर्धा, काशी राम वर्मा अध्यक्ष ग्रामोदय केंद्र कवर्धा, श्रीमती रजनी सोरेन अधिवक्ता उच्च न्यायालय बिलासपुर, मो0 एम0 जाफर हुसैन राज्य समन्वयक शांति सद्भावना मंच, दौलत राम कश्यप अध्यक्ष आस्था समिति कवर्धा की गरिमामय उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर राजेश कुमार गोयल कार्यक्रम प्रबन्धक, उमाशंकर कश्यप, चंद्रकांत यादव, चित्रारेखा राडेकर, निशा यादव, रानी टंडन, महेश निर्मलकर, रामलाल पटेल, तबस्सुम खान, शहजादी खान, कोमल निर्मलकर, दीपक यादव, मानस पटेल, शारदा साहू, प्रभा, संजय बघेल, सविता, मानसी, शाहिना, रामाधार, सालिक राम, आस्था समिति के समस्त अधिकारी, कर्मचारी एवं जिले के विभिन्न गांव से पहुंचे नागरिक मंच सदस्यों की उपस्थिति रही।
Monday, 14 March 2022
घरेलु कामगार महिला संगठन द्वारा अंतराष्ट्रीय महिला दिवस सम्मलेन का आयोजन
इंडो ग्लोबल सोशल सर्विस सोसाइटी (IGSSS) रायपुर व घरेलू महिला कामगार संगठन के संयुक्त तत्वावधान में कोटा रायपुर में सम्मलेन का आयोजन किया गया | सम्मलेन से पूर्व IGSSS ने अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में कुकुरबेडा, कोटा, गुढ़ियारी, संतोषी नगर आदि कई वार्डों में घरेलु कामगार महिलाओं के साथ व्यक्तित्व विकास व मनोरंजन के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के खेलों का आयोजन किया | खेलो में विजयी महिलाओं को सम्मलेन के दौरान मुख्यातिथियों द्वारा पुरुष्कार प्रदान किया गया जिससे महिलाओं में व्यापक खुसी देखने को मिला | महिलाओं के लिए बचपन के बाद पारिवारिक माहौल में इस तरह का खेल व सम्मलेन का पहला अवसर था जिसका आनंद भरपूर लिया | सम्मलेन में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक व विषयक तथा संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने अतिथी बतौर अपने उद्बोधन में महिलाओं को हर संभव शासन से सहयोग करने का आश्वासन दिया |
Sunday, 13 March 2022
महिलाओं को सशक्त बनाना ही जीवन का लक्ष्य - हेमल कामत
महिलाओं के लिए घर से बाहर निकल कर काम करना कितना मुश्किल होता है यह हर कोई जानता है | इतना आसान नही होता घर से बाहर निकल कर कार्य करना | लेकिन आज महिलाएं ,बालिकाएं कठिनाइयों के बावजूद उसे चुनौती के रूप में स्वीकार कर बाहर निकल कर पुरुषों के बीच कंधे से कंधा मिलाकर कर कार्य कर रही है और सफलता भी अर्जित कर रही है | इसी ही एक उदाहरण हमारे सामने है मध्यप्रदेश के इंदौर की रहने वाली हेमल कामत | मध्यप्रदेश में स्वैच्छिक जगत में एक जाना मना नाम है , जिन्हें आज स्वैच्छिक जगत में देश के कोने कोने में जाना जाता है |
वर्तमान में कांसेप्ट सोसाइटी की संस्थापक सचिव व निदेशक होने के साथ – साथ वाणी नई दिल्ली की कार्यकारी सदस्य है| इनका जन्म 5 जून 1973 को हुआ है | इन्होने डीएव्हीव्ही इंदौर से एम.ए. (समाज कार्य),एआईआईएमएस मद्रास से मानव संसाधन विकास विषय में डिप्लोमा, कम्प्यूटर एप्लीकेशन में एडवांस डिप्लोमा कोर्स व योगा रत्न में डिग्री लिया है |
पिछले 23 वर्षो से समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही है इन्होने 2017 में राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर महिला एचीवर एवार्ड प्राप्त किया है | महिलाओं के सशक्तिकरण व उत्थान की दिशा में लगातार प्रयासरत है | इन्होने कांसेप्ट सोसाइटी के साथ जुडकर 2500 से ज्यादा महिलाओं की आजीविका, उनके अधिकार, उनमे नेतृत्व क्षमता विकास हेतु कार्य किया | जिससे महिलाओं को रोजगार प्राप्त हो रहा है वे नेतृत्व में आगे आ रही है |
हेमल कामत जी ने महिलाओं की सेवा कर समाज में राष्ट्र में एक उदहारण पेश किया है जो आने वाली पीढी की बालिकाओं के लिए सीख लेंगी ही लेकिन वर्तमान में उनके कार्यक्षेत्र की महिलाएं व बच्चियां इनके साथ मिलकर अपने आपको को मजबूती प्रदान कर रही है अपने परिवार को सशक्त बना रही है |
Friday, 18 February 2022
राष्ट्रीय स्तर पर हुई शांति सद्भावना पर कार्यशाला
कवर्धा - भारतीय सामाजिक संस्थान, नई दिल्ली के द्वारा शांति सद्भावना अभियान के तहत देश के 7 राज्यों के शांति प्रशिक्षकों का 15 एवं 16 फरवरी 2022 को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला अनुश्रवण एवं उपलब्धि पर आयोजित किया गया। कार्यशाला में छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा एवं झारखण्ड मिलाकर 40 शांति प्रशिक्षकों ने भाग लिया। राष्ट्रीय कार्यशाला में दौलत राम कश्यप अध्यक्ष आस्था समिति सह जोन समन्वयक शांति सद्भावना मंच ने प्रस्तुतिकरण में देश में शांति सद्भावना कायम करने के लिए विचार व्यक्त किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में किये जा रहे शांति सद्भावना के सफल मॉडल को बताया। जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। उन्होंने बताया कि ग्राम बोहिल विकासखंड पंडरिया में विशेष संरक्षित जनजाति PVTGs बैगा समूहों के साथ मिलकर आजीविका और शांति सद्भावना का एक आदर्श उदाहरण तैयार किया जा रहा है। राष्ट्रीय कार्यशाला में डेंजिल फर्नाडीज निदेशक भारतीय सामाजिक संस्थान, नई दिल्ली ने भारतीय संविधान के आदर्श मूल्यों को अपनाते हुए कार्य करने देश के सभी शांति प्रशिक्षकों को प्रेरित किया। इस अवसर पर उपस्थित अधिवक्ता रवि सागर ने सभी शांति प्रशिक्षकों को मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों के विषय में विस्तार से जानकारी देते हुए प्रशिक्षित किया। मोईन जाफर राज्य समन्वयक शांति सद्भावना मंच छत्तीसगढ़ ने बताया कि देश भर में टीम द्वारा शांति सद्भावना, भाईचारा कायम करने के लिए संविधान, मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों पर कार्य किया जा रहा है। कार्यशाला में भारतीय सामाजिक संस्थान नई दिल्ली से पास्कल तिर्की राष्ट्रीय समन्वयक, रूबेन मिंज पब्लिकेशन सह कम्युनिकेशन ऑफिसर, अरुण उरांव कार्यक्रम अधिकारी, छत्तीसगढ़ टीम से मोईन जाफर राज्य समन्वयक, दौलत राम कश्यप जोन समन्वयक सह अध्यक्ष आस्था समिति, उमाशंकर कश्यप, महेश्वरी बंजारे एवं चंद्रकांत यादव जोन समन्वयक एवं देश के 7 राज्यों से जोन समन्वयक और राज्य समन्वयक शामिल हुए जिसमें राजस्थान से अनवर अहमद हुसैन, बिहार से सुबोधकांत रविदास, झारखंड से रोज़ मैरी, मध्यप्रदेश से रामेश्वर लश्करे, उड़ीसा से अरुण कुमार एवं उत्तरप्रदेश से रामकिशोर चौहान के साथ देश भर से पहुंचे 40 शांति प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
Thursday, 10 February 2022
जलवायु परिवर्तन के सम्बंध में जागरूकता अभियान
एक ओर जहां पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंतित है और इस दिशा में लगातार चर्चा कर प्रयास किए जा रहे हैं । लेकिन जैसा कि सभी जानते है शासकीय प्रयासों से कोई बेहतर परिणाम नजर नही आते।
जलवायु परिवर्तन में रायपुर शहर भी पीछे नही है इस शहर में स्टील इंडस्ट्री, भारी संख्या में वाहनों की आवाजाही, धूल आदि के कारण भारी प्रदूषण होता है। यहां विकास के नाम पर लगभग सभी पेड़ों को काट दिया गया। शहर में पीने का पानी धमतरी जिले में स्थित गंगरेल डेम से लाया जाता है । शहरों से धीरे - धीरे पक्षियों की संख्या नही के बराबर हो गई ।
इन्ही सब बातों और समस्याओ को ध्यान में रखते हुए आई जी एस एस एस रायपुर ने शहर के संतोषी नगर, कोटा आदि लगभग 20 छोटे छोटे मोहल्लों में पानी बचाने, पक्षियों को संरक्षित करने, प्रदूषण रोकने, वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने, प्लास्टिक से मुक्ति हेतु दीवाल लेखन, नुक्कड़ नाटक, रैली के माध्यम से जन जन तक जागरूकता का संदेश पंहुचा रहे हैं ।
संस्थान द्वारा चलाए जा रहे अभियान ने युवाओं ने बड़ी भूमिका निभाई है जिससे लोग अभियान में सक्रियता के साथ जुड़ रहे हैं ।
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