Monday, 2 June 2025

आम के पौधे का वृक्षारोपण अभियान

अनमोल फाउंडेशन इस साल अपने कार्यक्षेत्र छत्तीसगढ़ राज्य के सरगुजा जिले के अम्बिकापुर व मैनपाट विकासखंड के 10 ग्रामों में 100 -100 आम के पौधे लगाने का निर्णय लिया हैं । जिसके लिए बीज एकत्र कर नर्सरी तैयार की जा रही है । 
फाउंडेशन अभियान चला कर बीज संग्रहण व नर्सरी का काम कर रही है । अपने द्वारा तैयार नर्सरी के पौधे गांव में समुदाय के सहयोग से रोपे जाएंगे ।
इसका उद्देश्य है कि लोगों को पर्यावरण के साथ आजीविका की सुविधा भी मिले । 
रोजगार के अवसर निर्मित करना 
जैविक फलों के उपयोग से स्वास्थ्य व पोषण अच्छा रहेगा 
इन्ही बातों को ध्यान में रखकर आम का प्लांटेशन की योजना तैयार की गई है । 
लोगों की भागीदारी से यह कार्य किया जा रहा है ।

Saturday, 31 May 2025

किचन गार्डेन के द्वारा आजीविका व स्वास्थ्य की सुरक्षा की बेहतरी के प्रयास

अनमोल फाउंडेशन अपने सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत कार्यक्षेत्र के उन महिलाओं को जिनके पास भूमि कम है। ऐसी सभी महिलाओं को किचन गार्डेन का प्रशिक्षण देकर उन्हें सब्जी खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है । 
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 
1- भूमिहीन परिवारों को आजीविका से जोड़ना 
2- महिलाओं और बच्चों को भोजन में अच्छी पौष्टिक सब्जी मिले जिससे स्वास्थ्य और पोषण अच्छा हो । 
3- पर्यावरण की सुरक्षा व बढ़ावा 
4- कम भूमि में भी सब्जी खेती हो सकती है, इस पर समझ बनाना
5- किचन वेस्ट का प्रबंध करना जैविक खाद तैयार कर ।
6- महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना 
किचन गार्डेन में नई तकनीकों का उपयोग जैसे मचान पद्धति, वर्टिकल गार्डेन, आदि के बारे में प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित किया गया है । 
फाउंडेशन यहां घर के अनुपयोगी सामानों का पुनः उपयोग करने के लिए भी जोर दे रहा है। 
महिलाएं रुचि लेकर किचेन गार्डेन में सब्जी खेती का काम करके घर के लिए अच्छी सब्जी उत्पादन कर रही हैं । जो सब्जी बाजार से लाने में खर्च होता था उसका बचत हो रहा है । 
अच्छी व पौष्टिक सब्जी खाने को मिल रहा है । महिलाएं उत्साहित है अगली बार से ज्यादा लगाएंगी ताकि बेचकर आय भी अर्जित कर सकें । 

Friday, 30 May 2025

जलभराव से परेशान रहवासी इससे निपटने नगर निगम के पास कोई प्लान नही

जल भराव हर बड़े शहरों की एक बड़ी समस्या है । दिल्ली मुंबई तो इसी के कारण हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं । लेकिन सरकारें आज तक इसका समाधान नहीं कर पाई । 
अब ये जलभराव की समस्या सिर्फ बड़े शहरों की समस्या नहीं है बल्कि ये छोटे -छीटे शहरों में भी हो रही हैं । जिसका समाधान छोटे शहरों के पास भी नही है 

आज सुबह जब रायपुर में थोड़ी तेज बारिश हुई तो हालात ऐसे हो गए । अगर मूसलाधार बारिश हो और लगातार हो तो क्या होगा आप अनुमान लगा सकते हैं । 
जल भराव मानव निर्मित समस्या है इसके पीछे कई कारण है जिनमे 
1- कचरे का उचित प्रबंधन न होना 
2- सड़क नालियां फुटपाथ सभी का कांक्रीटीकरण 
3- नालियों का योजनानुसार निर्माण का न होना 
4- सड़को व नालियों पर रहवासियों का बेतरतीब अवैध कब्जा 
5- बरसात के पूर्व जलभराव की कोई पूर्व तैयारी का न होना 
कोई विकराल घटना घटित न हो इसीलिए शासन को इस दिशा में कार्य करना चाहिए । 
जनभागीदारी से इस कार्य को बेहतर किया जा सकता है 

आजीविका के पारम्परिक तरीका व स्रोत पे बातचीत

छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासी बहुल जिला सरगुजा के मैनपाट विकासखंड अंतर्गत ग्राम करमहा में अनमोल फाउंडेशन के निदेशक संजय शर्मा लोगों से आजीविका के मुद्दे पर चर्चा करते हुए । 
मैनपाट विकासखंड का यह ग्राम चारों तरफ से पहाड़ों से घिरा हुआ है । यहां आने जाने के लिए कोई साधन नहीं है यहां पैदल ही जाना पड़ता है वो भी पहाड़ पार करके । फाउंडेशन का यहां लोगों से अच्छा जुड़ाव है । यहां पर कई काम हुए गए जिनमे भूमि समतलीकरण, मेड़बन्दी, चैकडेम, कुवां पक्का करण सब्जी खेती व राहत कार्य किया गया । 
आज संजय शर्मा जी लोगों के साथ पारम्परिक आजीविका के स्रोतों व संसाधनों को कैसे बढ़ावा दिया जाए इस विषय पर बातचीत कर रहे हैं ।
उनका मानना है कि लोगों के पास पारम्परिक अनुभव बहुत है उन्हें अगर बढ़ावा दिया जाएगा तो पर्यावरण को बिना क्षति पहुचाए विकास किया जा सकता है 

Thursday, 29 May 2025

एक जन्म एक पौधा अभियान में जुड़ने से उत्साहित महिलाएं

अनमोल फाउंडेशन से जुड़ी जन संगठन ग्राम अधिकार मंच द्वारा क्षेत्र में एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों के नाम एक फलदार पौधा रोपण के लिए दिया जा रहा है । 
जिसका मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य और आजीविका को मजबूत बनाने के साथ साथ पर्यावरण को भी बेहतर बना जा सके । 
यह अभियान तब तक चलाया जाएगा जब तक कि लोगों स्वंय इसे अपने व्यवहार में न ले लें । जब उन्हें समझ मे आ जाएगा कि इससे उनके आजीविका, उनके स्वास्थ्य व उनके जीवन को फायदा है तो वे स्वंय आगे आकर पेड़ लगाने लगेंगे । 
महिलाओं को जब भी कोई काम मिलता है तो वे बहुत ही जिम्मेदारी से करती हैं और उसे आगे भी बढ़ाती है । किसी को पाल पोसकर बड़ा करना हो तो महिलाओं से बेहतर कोई नही कर सकता । इसलिए इस अभियान में पौधे बच्चे की माँ को दिए जा रहे है वो इसे अपने बच्चे के नाम से लगाएंगी और उसे अच्छे से बड़ा करेंगी
आप इस वीडियो में देख सकते है कितना उत्साहित है पौधे को लगाने व बड़ा करने के लिए बच्चा भी जब बड़ा होगा तो गर्व से कहेगा कि मेरी माँ ने यह पेड़ मेरे नाम से लगाया है और अपनी मां की तरह सेवा करेगा ऐसा उम्मीद करते है 
https://youtube.com/shorts/5bkQhdMVm_I?si=z0ef1hm-AJ9S7mlt

Wednesday, 28 May 2025

सहजन के पत्ते बहुत फायदेमंद है आजीविका व स्वास्थ्य की दृष्टि से

सहजन अपने आप मे एक दवाई है, इसके पत्ते से लेकर फल तक सभी के औषधीय गुण हैं । उपयोग करने के अलग अलग तरीके है जिससे शरीर के अंदर की कई बीमारियों को ठीक कर देता है 

सहजन के पत्ते का आप काढ़ा बना के पी सकते हैं । उसका साग बनाकर कहा सकते हैं । पानी मे डालकर रख दे और उस पानी को छानकर पी सकते है । इन सभी तरीकों से आप सहजन के पत्ते का उपयोग अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए कर सकते हैं ।
अगर आप स्वस्थ हैं तब भी सहजन खाएंगे तो आपके शरीर मे बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ेगी । इसलिए सहजन जब भी माइक खाइए जरूर । 
सहजन का पौधा लगाना आसान है इसे बीज से भी लगा सकते है या डाल तोड़कर भी उगाया जा सकता है। आप अपने गमले में इसे लगा सकते हैं ।
इसकी खेती पर काफी जोर दिया जा रहा है। कम समय मे इसके पौधे तैयार हो जाते हैं । फल भी जल्दी देने लगते हैं । इसके फल, फूल व पत्ते सभी को खाने में उपयोग किया जाता है । 
पत्तो को सुखाकर पाउडर बनाकर बनाकर भी खूब बेचा जा रहा है । लोग दवाई के लिए उपयोग करते हैं । मांग भी खूब है और डॉक्टर भी इसके खाने की सलाह देते हैं । 
गरीब परिवारों के लिए आजीविका व स्वास्थ्य के लिए  बहुत अच्छा स्रोत है। गांव में तो लगभग घरों में एक पौधा मिल ही जाता है । अब इसकी खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि लोगों की आजीविका सुरक्षित हो साथ ही स्वास्थ्य का भी देखभाल हो सके ।

माहवारी स्वच्छता दिवस 2025

Menstrual Hygiene Day 2025: हर साल 28 मई को मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य पीरियड्स हाइजीन के प्रति लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। 

पीरियड महिलाओं के जीवन का एक ऐसा पहलू है, जिससे उन्हें हर महीने गुजरना पड़ता है। युवावस्था में कदम रखने के साथ लड़कियों में पीरियड्स शुरू हो जाते हैं। ये न सिर्फ एक नेचुरल प्रक्रिया है, बल्कि महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। 

महिलाओं और समाज में मेंस्ट्रुअल हाइजीन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 28 मई को मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ एक प्रतीक नहीं है, बल्कि महिलाओं और टीनेजर्स को सम्मान, स्वच्छता और स्वास्थ्य से जोड़ने का एक जरिया है।

मेंस्ट्रुअल हाइजीन का ध्यान रखने के लिए आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना जरूरी है-

प्यूबिक एरिया को नियमित रूप से साफ करें। हल्के साबुन और गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें।

नियमित रूप से सैनिटरी पैड या टैम्पोन बदलें, हर 4 से 6 घंटे में बदलने की कोशिश करें।

साफ और सूखे अंडरवियर पहनने की कोशिश करें, जो प्यूबिक एरिया को सूखा रखें।

पर्याप्त मात्रा में आराम करने की कोशिश करें और रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें।

मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे इतिहास

मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे की शुरुआत साल 2014 में जर्मन नॉन-सरकारी संगठन WASH यूनाइटेड द्वारा की गई थी। मेंस्ट्रुअल हाइजीन डे को मनाने के लिए 28 मई की तारीख चुनी गई थीं, क्योंकि आमतौर पर महिलाओं के पीरियड्स हर 28 दिन में होते है और औसतन यह 5 दिन तक चलते हैं। इसलिए, 28 मई इस दिन को मनाने के लिए चुना गया। शुरुआत से ही इस दिन को मनाने का उद्देश्य समाज में मासिक धर्म को लेकर लोगों की चुप्पी, शर्म और कलंक को खत्म करना रहा है। यह महिलाओं को अपने शरीर और स्वास्थ्य के प्रति आत्मनिर्भर और जागरुक बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।

साभार - only my health.com 

खाद्य सहायता के डिजिटलीकरण एवं खाद्य सुरक्षा पर दो दिवसीय कार्यशाला में सहभागिता

Writing खाद्य सहायता के डिजिटलीकरण एवं खाद्य सुरक्षा पर दो दिवसीय कार्यशाला में सहभागिता 📍 जन स्वास्थ्य सहयोग (JSS), गनियारी, बिलासपुर, छत्...