Saturday, 1 September 2018

राज्य प्रवर्तित ग्रामीण विकास योजनाएं

गृह लक्ष्मी योजना
उद्देश्य - राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजना है जिसमे एल पी जी गैस कनेक्शन एवं गैस चूल्हा प्रदान किया जाना है । योजनांतर्गत हितग्राही को 5 किलो वाले दो एल पी जी गैस सिलेंडर के साथ कनेक्शन एवं दो वर्नर वाला गैस चूल्हा प्रदान किया जावेगा ।
पात्रता - गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार ।
संपर्क - ग्राम पंचायत व जनपद पंचायत ।

दीनदयाल निःशक्तजन पुनर्वास कार्यक्रम

क्रियान्वयन एजेंसी - जिला संयुक्त संचालक / उपसंचालक पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग ।
कार्यक्षेत्र- सम्पूर्ण छत्तीसगढ़।
योजना का उद्देश्य - निःशक्त व्यक्तियों का प्रमाणीकरण कर परिचय पत्र व सेवा संसाधन अभिलेख लेखबद्ध कर पासबुक जारी करना है ।।
हितग्राही की पात्रता - 40 प्रतिशत या उससे अधिक निःशक्त व्यक्ति ।
मिलने वाले लाभ - प्रमाण पत्र , परिचय पत्र व पासबुक ।
आवेदन की प्रक्रिया - चिकित्सा मंडल से निःशक्तता प्रमाण पत्र प्राप्त कर निर्धारित आवेदन दो छाया चित्रों के साथ जिला पंचायत समाज कल्याण विभाग कार्यालय को प्रस्तुत करना होगा । ग्रामीण क्षेत्र में आवेदन जनपद पंचायत में आवश्यक पूर्ति उपरांत प्रस्तुत करना होगा ।
चयन की प्रक्रिया- निःशक्तजन व्यक्तियों का प्रमाणीकरण जिला चिकित्सा मंडल से कराने के पश्चात 40 प्रतिशत या उससे अधिक निःशक्त व्यक्तियों को परिचय पत्र व पासबुक जारी किए जाते है ।

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांग योजना (नवीन योजना)

उद्देश्य- गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले गंभीर एवं बहु विकलांग हितग्राहियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने हेतु सहयोग देना ।
हितग्राहियों को लाभ - 200 रुपए प्रतिमाह ।
पात्रता - 18 से 64 वर्ष की आयु के बहु विकलांग एस से अधिक प्रकार की 40 प्रतिशत विकलांगता एवं गंभीर रूप से विकलांग 80 प्रतिशत से अधिक निःशक्तता वाले गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन के व्यक्ति ।
कहां सम्पर्क करें - शहरी क्षेत्र में नगर निगम / नगर पालिक / नगर पंचायत तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत व जनपद पंचायत / स्थानीय निकाय के आदेश विरुद्ध आवेदन सम्बंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को ।
आवेदन हेतु फार्मेट - संपर्क केंद्रों में उपलब्ध है ।
योजना प्रारम्भ - फरवरी 2009 से प्रारंभ ।
नोट- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत न आने वाले पर 10 किलो अन्न प्रतिमाह प्रदाय किया जाएगा (अन्नपूर्णा योजना )

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (नवीन योजना)

योजना प्रारंभ-फरवरी 2009 से प्रारंभ
उद्देश्य - गरीबी रेखा के नीचे की विधवा महिला हितग्राहियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर सम्मानपूर्वक जीवन -यापन करने हेतु सहयोग देना ।
हितग्राही को लाभ - 200 रुपए प्रतिमाह ।
पात्रता - 40 से 64 वर्ष की आयु के गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले विधवा महिलाएं ।
कहां सम्पर्क करें - शहरी क्षेत्रों में नगर निगम / नगर पंचायत / नगरपालिका तथा ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायतों एवं जनपद पंचायत, स्थानीय निकाय के आदेश के विरुद्ध आवेदन सम्बंधित अनुविभागीय अधिकारी, राजस्व को ।
आवेदन हेतु फार्मेट - संपर्क केंद्रों में उपलब्ध ।

Wednesday, 29 August 2018

निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना

क्रियान्वयन एजेंसी - पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग
कार्यक्षेत्र - सम्पूर्ण छत्तीसगढ़
योजना का उद्देश्य- गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के निःशक्त व्यक्तियों के सामाजिक पुनर्वसन की दृष्टि से विवाह हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान करना
हितग्राहियों की पात्रता - (1) छत्तीसगढ़ का निवासी हो (2) निःशक्त 40 प्रतिशत या उससे अधिक (3) आयु 18 वर्ष से अधिक तथा 45 वर्ष से कम (4) निःशक्तता 40 प्रतिशत या उससे अधिक हो ।
मिलने वाले लाभ - रुपए 21000/- एक मुश्त ।
आवेदन की प्रक्रिया- आवेदन निर्धारित प्रपत्र में आवेदन जिला के संयुक्त संचालक / उप संचालक , पंचायत एवं समाज कल्याण को प्रस्तुत करना होगा ।
चयन की प्रक्रिया- संयुक्त संचालक / उप संचालक , पंचायत एवं समाज कल्याण की अनुसंसा पर जिला कलेक्टर द्वारा सहायता /अनुदान राशि स्वीकृत की जाती है ।
आवेदन भेजने का पता - संयुक्त संचालक / उप संचालक, जिला कार्यालय - पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग

कृत्रिम अंग / सहायक उपकरण प्रदाय योजना

क्रियान्वयन एजेन्सी-पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग
कार्यक्षेत्र - सम्पूर्ण छत्तीसगढ़
योजना का उद्देश्य- निःशक्त बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करना ।
हितग्राहियों की पात्रता - (1) छत्तीसगढ़ का निवासी हो (2) किसी भी प्रकार की निशक्तता 40 % या उससे अधिक हो ।
मिलने वाले लाभ - माता -पिता / अभिभावक या स्वंय की मासिक आय 5000 रुपए प्रतिमाह होने पर उन्हें निःशुल्क तथा जिनकी आय 5001 रुपए से 8000 रुपए के मध्य है उन्हें संसाधन की 50 प्रतिशत जमा करने पर संसाधन प्रदाय किए जाते है ।योजनांतर्गत निःशक्त व्यक्तियों को ट्रायसाइकिल, वैशाखी,श्रवण यंत्र , बेल किट, व्हील चेयर ,टेप रिकॉर्डर, के पी पर्स, स्वेत छड़ी तथा अन्य कृत्रिम अंग प्रदान किए जाते है , इस योजना में अधिकतम 6000 रुपए तक कि राशि के उपकरण प्रदाय किए जाने का प्रावधान है ।
आवेदन की प्रक्रिया- आवेदन निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र के साथ निःशक्तता प्रमाण पत्र , आय प्रमाण पत्र जाति प्रमाण पत्र संलग्न कर संयुक्त संचालक / उप संचालक जिला कार्यालय पंचायत एवं समाज कल्याण जिला पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग को आवेदन करना होगा ।
चयन की प्रक्रिया- चिकित्सक /मूल्यांकन दल द्वारा की गई अनुशंसा के आधार पर आवश्यकता व पात्रता नुसार जिला प्रशासन द्वारा कृत्रिम अंग / सहायक उपकरण हेतु चयन किया जाता है ।
आवेदन भेजने का पता - संयुक्त संचालक / उप संचालक , जिला कार्यालय , पंचायत एवं समाज कल्याण / जिला पंचायत तथा जिला निःशक्त पुनर्वास केंद्र सम्बंधित जिला ।

Tuesday, 28 August 2018

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (Natinal Ruarl Health Mission - NRHM)

उद्देश्य- माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 12 अप्रैल 2005 से प्रारंभ हुए इस मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की आबादी जिसमे महिलाओं एवं बच्चों को सामूहिक रूप से केंद्र एवम राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधाओं / योजनाओं का लाभ प्रदान करना है ।
इस कार्यक्रम में खुसहाल सेवा जबाबदेही एवम सामुदायिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना है । इस कार्यक्रम में 18 राज्यो  पर विशेष ध्यान दिया गया है । जिसमे स्वास्थ्य सूचकांक के अनुसार जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार , छत्तीसगढ़, आसाम एवं कश्मीर सहित आदि राज्यों को शामिल किया गया है ।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत महत्वपूर्ण लक्ष्यों शिशु एम.आर. नवजात , एम. आर. एवं यात्रा एम. आर. आदि को प्राप्त करने के साथ - साथ ग्राम पंचायतों के स्तर पर ग्राम पंचायत की स्वास्थ्य समिति एवं एस. एच. जी . के सदस्यों के साथ मिलजुलकर ग्रामीण स्वास्थ्य योजना तैयार करना ।
ग्राम पंचायतों के साथ ग्राम पंचायत की स्वास्थ्य समिति एवं एस एच जी के सदस्यों के साथ मिलकर ग्रामीण स्वास्थ्य योजना तैयार करना है ।
लाभ - ग्राम पंचायत के परिवार
क्रियान्वयन एजेंसी - ग्राम पंचायत
सम्पर्क- ब्लाक स्वास्थ्य अधिकारी, परियोजना अधिकारी , महिला बाल विकास , सी ई ओ जनपद पंचायत ।

खाद्य सहायता के डिजिटलीकरण एवं खाद्य सुरक्षा पर दो दिवसीय कार्यशाला में सहभागिता

Writing खाद्य सहायता के डिजिटलीकरण एवं खाद्य सुरक्षा पर दो दिवसीय कार्यशाला में सहभागिता 📍 जन स्वास्थ्य सहयोग (JSS), गनियारी, बिलासपुर, छत्...