क्रियान्वयन एजेंसी -उद्यानिकी विभाग
कार्यक्षेत्र - सम्पूर्ण छत्तीसगढ़
योजना का उद्देश्य- औषधीय पौधों के विकास को बढ़ावा देना ।
हितग्राही की पात्रता - कृषक
मिलने वाला लाभ - (1) औषधीय एवं सुगंधित पौधों - फसलों को बढ़ावा देने के साथ हर्बल गार्डन , हर्बल रोपड़ी , बीज उत्पादन केंद्र की स्थापना करना ।
*जन जुड़ाव* अनमोल फाउंडेशन द्वारा संचालित एक ऐसा मंच है जो जमीनी स्तर किए जा रहे छोटे छोटे स्वेच्छिक प्रयासों की सफल कहानियों, शासकीय योजनाओं व जनहित से जुडी कानूनी जानकारियों को संग्रह कर प्रसारित करने हेतु तैयार किया गया है
Tuesday, 4 September 2018
औषधीय पौधों का विकास
व्यवसायिक पुष्प विकास
क्रियान्वयन एजेंसी - कृषि विभाग
कार्यक्षेत्र - सम्पूर्ण छत्तीसगढ़
योजना का उद्देश्य - व्यवसायिक पुष्प विकास कार्यक्रम को प्रोत्साहन देना ।
हितग्राही की पात्रता - कृषक ।
मिलने वाला लाभ - योजना में अनुदान राशि कृषकों को उपलब्ध कराई जावेगी ।
सब्जी विकास कार्यक्रम
क्रियान्वयन एजेंसी - कृषि विभाग
कार्यक्षेत्र - सम्पूर्ण छत्तीसगढ़
योजना का उद्देश्य - सब्जी विकास कार्यक्रम को प्रोत्साहन देना ।
हितग्राही की पात्रता - कृषक ।
मिलने वाला लाभ - (1) योजना में अनुदान राशि कृषकों को उपलब्ध करायी जावेगी ।
उद्यानिकी फल पौध वितरण योजना
क्रियान्वयन एजेंसी - कृषि विभाग
कार्यक्षेत्र - संपूर्ण छत्तीसगढ़
योजना का उद्देश्य -फल पौधरोपण कार्यक्रम को बढ़ावा देना ।
हितग्राही की पात्रता - सभी श्रेणी के कृषक ।
मिलने वाला लाभ - (1) केला प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत 1/10 हेक्टेयर के लिए 2250 रुपए प्रति प्रदर्शन अनुदान दिया जाता है ।(2) टापवर्किंग (शिख रोपण ) बेर, आंवला एवं आम के देशी पौधों को टापवर्किंग से अच्छी किस्म में परिवर्तित करना।
बालिकाओं के प्रारंभिक शिक्षा के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम
क्रियान्वयन एजेंसी - राजीव गांधी शिक्षा मिशन (सर्व शिक्षा अभियान )
कार्यक्षेत्र- ग्रामीण क्षेत्र जहां मांहिला साक्षरता दर राष्ट्रीय औसत 46.13 से कम है तथा महिला -पुरुष साक्षरता दर में अंतर राष्ट्रीय औसत 21.7 प्रतिशत या उससे अधिक है, तथा मांहिला साक्षरता दर 10 प्रतिशत से कम है । शहरी गंदी बस्ती क्षेत्र ।
योजना का उद्देश्य - शिक्षा के क्षेत्र बालिकाओं की सहभागिता बनाना, बालिकाओं तक शिक्षा सुविधा पहुँच का विकास, बालिकाओं के शाला त्याग डर को कम कर शत-प्रतिशत नामांकन बालिकाओं के व्यक्तित्व का विकास, बालिकाओं के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान देना ।
हितग्राही की पात्रताएँ - शाला अप्रवेसी , शाला त्यागी बालिकाएं । प्रारम्भिक शिक्षा पूर्ण न करने वाली अधिक उम्र की बालिकाएं । कामकाजी बालिकाएं शाला में अनियमित रहने वाली बालिकाएं कम उपलब्धि स्तर की बालिकाएं ।
मिलने वाले लाभ - निःशुल्क पाठ्यपुस्तक , स्टेशनरी तथा गणवेश । व्यवसायिक प्रशिक्षण ।
आवेदन की प्रक्रिया- आवश्यक नही ।
चयन की प्रक्रिया - निर्धारित मापदंड पूरे करने वाली छात्राओं का चयन किया जाता है ।
कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय
क्रियान्वयन एजेंसी- राजीव गांधी शिक्षा मिशन ( सर्व शिक्षा अभियान )
कार्यक्षेत्र - सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में 51 विकास खंड ( समयानुसार इनकी वृद्धि होती जाएगी )
योजना का उद्देश्य- दुरस्त अंचलों में सर्व सुविधायुक्त आवासीय शाला माध्यम से बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना। शिक्षा से वंचित आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराना तथा बालिकाओं के अनुरूप शालेय वातावरण का निर्माण करना ।
हितग्राही की पात्रताएँ - 6 से 14 वर्ष की अजजा -अजा , पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग की शाला त्यागी एवं शाला अप्रवेशी बालिकाए , पलायन करने वाले परिवारों की बालिकाएं, कामकाजी बालिकाएं , आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्ग की बालिकाएं ।
मिलने वाले लाभ - आवासीय विद्यालयों में निशुल्क आवास, भोजन, वस्त्र तथा चिकित्सा सुविधा । छात्रवृत्ति निशुल्क पाठ्य पुस्तक, स्टेशनरी तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री । व्यवसायिक पाठ्यक्रम तथा सीखने के कौशलो का प्रशिक्षण ।
आवेदन की प्रक्रिया- आवश्यक नही ।
चयन की प्रक्रिया - आवासीय विद्यालयों में 75 प्रतिशत स्थान पर अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग की छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा । 25 प्रतिशत स्थान गरीबी रेखा से नीचे स्तर के समुदाय की बालिकाओं के लिए आरक्षित होंगे ।
शिक्षा का अधिकार कानून 2009(Right to Education Act 2009)
उद्देश्य- छः से चौदह वर्ष के आयु सभी बच्चों को आठवी तक अनिवार्य एवं मुक्त शिक्षा देने के लिए केंद्र शासन द्वारा बनाई गई शिक्षा का अधिकार कानून 1 अप्रैल 2010 से सभी राज्यों में प्रभावशील होगा ।
*शिक्षा का अधिकार कानून के तहत 6 से 14 वर्ष उम्र के शाला त्यागी और अप्रवेशी बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किया जाना है।
*इस कानून में प्राथमिक शिक्षा की सुविधा एक किलोमीटर के अंदर तथा पूर्व माध्यमिक शिक्षा की सुविधा 3 किलोमीटर पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है ।
* कानून के तहत प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों के सभी बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश देने की व्यवस्था की जाएगी।
* निःशक्त बच्चों को विशेष प्रशिक्षण और सुरक्षा के लिए जरूरी सामग्री भी दी जाएगी।
* प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों में पूर्व में गठित तीन प्रकार की समितियों को सशक्त किया जाएगा। इन समितियों में 75 प्रतिशत में स्कूली बच्चों के अभिभावकगण रहेंगे 25 प्रतिशत सदस्य स्थानीय जन प्रतिनिधि शिक्षक, शिक्षाविद और स्कूली बच्चे शामिल होंगे ।
* सभी वर्गों की 50 प्रतिशत संख्या महिलाओं की होगी।
* शिक्षा का अधिकार कानून के आदर्श नियमों की समस्त प्रक्रियाओं को शुरू करने के लिए तीन साल का समय दिया गया है ।
* 6 से 14 वर्ष उम्र के सभी बच्चों का बायोडाटा तैयार करने के लिए मैक्रोप्लानिंग सभी गांवों में होगी ।
* इस कानून में नियम 60 के तहत निजी संस्थाओं में प्रवेश लेने वाले बच्चों के नियम बनाए जाएंगे। छत्तीसगढ़ में एक बच्चे के लिए एक साल में 5 हजार रुपए खर्च करने की योजना है ।
* शिक्षा का अधिकार कानून 2009 के नियम 16 के तहत सभी अप्रशिक्षित शिक्षकों को 5 वर्ष के भीतर प्रशिक्षित किया जाएगा । इस कानून में प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था करने के लिए जोर दिया गया ।
* क्रियान्वयन एजेंसी - प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला
* संपर्क- विकास खंड शिक्षा अधिकारी / मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तथा सरपंच ग्राम पंचायत ।
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