Tuesday, 11 January 2022

ग्रामीणों ने श्रमदान से क्या स्टापडेम का निर्माण

अगर लोग अपने स्थानीय संसाधनों का समुचित उपयोग करना शुरू कर दें तो रास्ते अपने आप निकल कर आगे आते हैं| ऐसा ही कुछ देखने को मिला कबीरधाम जिले में पंडरिया विकास खंड अंतर्गत सजनखार ग्राम में श्रम विकास एवं शोध संस्थान व गूंज के सहयोग से स्टांप डेम निर्माण कार्य किया गया | संस्थान के लोगों ने ग्रामीण लोगो से चर्चा के पश्चात ग्राम में चेकडेम निर्माण का निर्णय लिया |
लेकिन इसे तैयार करने हेतु संसाधन कहा से लाया जाए इस पर चर्चा उपरान्त तय हुआ कि क्यों न मिलकर श्रमदान करके चेकडेम का निर्माण किया जाए ताकि जानवरों को पीने के पानी व निस्तार के लिए व्यवस्था हो सके | सभी के सर्व सम्मति से निर्णय पश्चात चेकडेम का कार्य शुरू किया गया जिसे मिलकर पूर्ण किया गया | चेकडेम बन जाने से अब इसमें पर्याप्त मात्रा में पानी जमा होने लगा है जिससे जानवरों को पीने, व् ग्रामीणों के निस्तार के लिए उपयोग किया जाने लगा है | कार्य पूर्ण होने के पश्चात ग्रामीणों को गूंज की तरफ से सुखा राशन का किट प्रोत्साहन के बतौर पर दिया गया |

किचन गार्डेन से आर्थिक सशक्तिकरण बढ़ा रहे ग्रामवासी

मुंगेली - कोविड की तीसरी लहर के आहट के बीच लोगों को अपनी आजीविका का भय सताना शुरू कर कर दिया है ऐसे में श्रम विकास एवं शोध संस्थान मुंगेली व गूंज रायपुर के संयुक्त प्रयास से मुंगेली जिले के पथरिया  ब्लॉक में किचन गार्डेन का काम शुरू किया गया । इस काम में 100 परिवार के लोग श्रम दान कर भूमि को खेती योग्य तैयार किया। श्रमदान पश्चात संस्थान की तरफ से परिवार किट प्रदान किया गया है ।
लोगों ने तय किया कि सामुहिक रूप से मिलकर सब्जी खेती का कार्य करेंगे इसके लिए स्वंय सहायता समूह बनाकर अभियान चला सब्जी खेती किया गया जिसमें  मिर्च, टमाटर, सब्जी - भाजी, धनियां आदि की खेती की गई ।  पिछले 4 माह से ग्रामीण इस काम में लगे हुए हैं जिससे कई ग्रामों में अब सब्जी का उत्पादन होना शुरू हो गया ।  ‌घर मे ही सब्जी के उत्पादन शुरू हो जाने से ग्रामीणों अब बाजरो से सब्जी लेना बंद कर अपने बाड़ी की ही सब्जी का उपयोग कर रहे हैं। ज्यादा उत्पादन होने पर बाजार में बिक्री करने की योजना भी लोग बना रहे हैं । संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयास की क्षेत्र में जगह - जगह सराहना हो रही है । 

Sunday, 2 January 2022

सहभागी समाज सेवी संस्था ने किया, अपने कार्यों का सोशल आडिट रिट्रीट के बहाने

सहभागी समाज सेवी संस्था द्वारा चावडी में स्थित अपने प्रशिक्षण केंद्र में संस्था के 20 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक दिवसीय रिट्रीट कार्यक्रम का आयोजन किया, उक्त कार्यक्रम में संस्था ने अपने पिछले कार्यो की विस्तृत ब्योरा पीपीटी के माध्यम से करते हुए रेशम उत्पादन, लाख उत्पादन, बालिका शिक्षा, चाइल्ड लाइन, एड्स कंट्रोल, मेगा वाटरशेड, कोविड के दौरान किए गए समस्त कार्यों को सभी उपस्थित अतिथियों के समक्ष साझा किया, साथ ही संस्था के आय व्यय का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया । संस्था के कार्यकर्ताओं ने अपने बेहतर अनुभवों व उपलब्धियों को प्रस्तुत किया | पोस्टर प्रदर्शनी तथा स्टाल लगाकर अपने कार्यक्रमों की जानकारी सभी को दी गई | 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था के अध्यक्ष बसन्त यादव जी ने बताया कि यह कार्यक्रम संस्था प्रत्येक वर्ष आयोजित करती है । इस वर्ष सिर्फ एक दिन का किया गया जबकि यह 2 दिन का कार्यक्रम होता था । 
संस्था द्वारा अपने वार्षिक प्रतिवेदन का विमोचन उपस्थित अतिथियों द्वारा कराया तथा बेहतर सेवा देने वाले, पूर्व में रहे कार्यकर्ताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया | चारामा में कार्यरत मीडिया के साथियों को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया |
कार्यक्रम में बतौर अतिथि मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय सलाहकार श्री राजेश तिवारी जी ऑनलाइन शामिल हुए इसके साथ ही, विधायक अनूप नाग, जिला पंचायत अध्यक्ष कांकेर हेमंत ध्रुव, गौसेवा आयोग के सदस्य नरेद्र यादव, अनमोल फाउन्डेशन के निदेशक संजय शर्मा, प्रदान के राज्य प्रमुख मनोज कुमार व कुंतल मुखर्जी व स्थानीय जन प्रतिनिधि व संस्था के कार्यकारिणी के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे |
संस्था की ओर से अतिथियों का सम्मान श्रीफल , साल व स्मृति चिन्ह देकर किया गया। 

Tuesday, 26 October 2021

*पर्यावरण को बचाना है,तो शेयरिंग कम्युनिटी अपनाना होगा*


रायपुर: 26 अक्टूबर - अनमोल फाउंडेशन द्वारा कट्स इंटरनेशनल जयपुर के सहयोग ग्रीन एक्शन वीक अभियान के तहत शेयरिंग कम्युनिटी कार्यक्रम के अनुभवों को साझा करने हेतु होटल मयूरा रायपुर में एक दिवसीय  स्टेक होल्डर कार्यशाला का आयोजन किया गया। 
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अनमोल फाउंडेशन के निदेशक श्री संजयशर्मा जी ने अतिथियों का गुलदस्ता देकर स्वागत करते हुए ग्रीन एक्शन वीक अभियान 2021 तथा शेयरिंग कम्युनिटी कार्यक्रम के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए, ठोस अवशिष्ट प्रबंधन, पेपर बैग, किचन वेस्ट प्रबंधन, ई वेस्ट प्रबंधन, प्लास्टिक के प्रयोग को बंद करने के सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया की इस अभियान से लोग जुड़कर अब घरेलू कचरों का अलग तरह से प्रबंधन करने लगे है ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उपाध्यक्ष श्रीमती चित्रलेखा साहू जी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शेयरिंग कम्यूनिटी हमारी पारम्परिक परम्परा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी हमारे लोग जरूरत की चीजों को आपस मे एक दूसरे से लेकर काम चलाते है जिससे आपसे भाईचारा भी बना रहता है खपत पर नियंत्रण भी रहता है । लोग जरूरत के हिसाब से ही खरीददारी करते है । यह सिर्फ शहरों में ही है जहां लोग आवश्यकता से अधिक समान की खरीदारी करते है । 
कार्यक्रम में भिलाई स्टील प्लांट के पूर्व जनरल मैनेजर श्री वेंकट सुब्रमण्यम ने इंडस्ट्री में हो रहे रोजाना खनिज की खपत पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अब प्लांट में भी नए तकनीक की मदद से कम खपत में उत्पादन लेने का प्रयास किया जा रहा है। इंडस्ट्री में बेकार सामानों को पुनः उपयोग पर कार्य किया जा रहा है । हेल्पेज इंडिया के राज्य प्रमुख श्री शुभांकर विस्वास जी ने शेयरिंग कम्युनिटी का प्रयोग पुनः किया जाना जरूरी है जिससे पर्यावरणीय परिवर्तनों को कम किया जा सके व आने वाली पीढ़ी  के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकें।
एम एस के पी पी की अध्यक्ष हेमलता साहू जी ने ने जैविक खेती को बढ़ावा देने व उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों के अनुभवों को साझा किया गया । जनहित संस्थान के निदेशज रोहित पाटिल जी पर्यावरण संरक्षण के साथ आजीविका को भी कैसे सुरक्षित रखते हुए महिलाएं आगे बढ़ रही है उन अनुभवों को रखा । कार्यक्रम में जीपीआरएस की निदेशक गायत्री सिंह, ग्रीन आर्मी के अध्यक्ष पुरुषोत्तम चंद्राकर, आई जी एस एस एस से प्रेमानन्द जी ने अपने अनुभवों को साझा किया । 
कार्यक्रम में राज्य में कार्यरत विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं व समुदाय आधारित संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए ।
कार्यक्रम का संचालन व आभार प्रदर्शन संजयशर्मा जी द्वारा किया गया ।

Sunday, 10 October 2021

देशी बीजो का संरक्षण संवर्धन

जन स्वास्थ्य सहयोग गनियारी बिलासपुर पारम्परिक फसलों धान की कई किस्मो व मिलेट्स के बीजों का अवलोकन करते हुए अनमोल फाउंडेशन के निदेशक संजयशर्मा 

Tuesday, 5 October 2021

अनमोल फाउंडेशन ने कोटा में ग्रीन एक्शन वीक अभियान का शिविर का आयोजन किया

ग्रीन एक्शन वीक अभियान के तहत अनमोल फाउंडेशन द्वारा रायपुर शहर अन्तर्गत कोटा में किचन वेस्ट प्रबंधन, ई वेस्ट प्रबंधन, पेपर वेस्ट प्रबंधन, सामुदायिक बुक बैंक के सम्बंध में  उन्मुखीकरण किया गया। इस शिविर में पढ़ने वाले बच्चों ने भाग लिया जो स्वैच्छिक कार्यकर्ता के रूप में छोटे -छोटे इकोफ्रेंडली ग्रुप बनाकर अपने मोहल्ले में वृक्षारोपण व तालाब की सफाई का कार्य करते रहते है । 
ग्रीन एक्शन वीक अभियान भारत मे 12 राज्यों में कट्स इंटरनेशनल जयपुर के सहयोग से संचालित किया जा रहा है । यह अभियान सभी 12 राज्यों में एक साथ 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक चलाया जाएगा । इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समुदायों के बीच अपने सामानों का आदान प्रदान कर सहयोग करना ताकि उत्पादन को कम किया जा सके । 
पर्यावरण की सुरक्षा की दिशा में यह एक प्रभावी कदम के रूप में देखा जा रहा है । सतत विकास लक्ष्य- 12 के अंतर्गत इसे देखा जा रहा है।  अनमोल फाउंडेशन रायपुर शहर के अलग अलग मोहल्लों में हस्ताक्षर अभियान, क्षमता वृद्धि शिविर संचालित कर ज्यादा से ज्यादा  लोगों को जोड़ने व जागरूक करने का कार्य करेगी । 

भारत के 12 राज्यों के साथ छत्तीसगढ़ में भी ग्रीन एक्शन वीक अभियान की शुरुआत

ग्रीन एक्शन वीक (GAW) कट्स इंटरनेशनल जयपुर द्वारा 4 से 10 अक्टूबर, 2021 तक 12 राज्यों में 12 सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर सतत उपभोग पर महामारी के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के उद्देश्य से ग्रीन एक्शन वीक मनाया जा रहा है | यह अभियान हर साल अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में मनाया जाता है |

वैश्विक स्तर पर ग्रीन एक्शन वीक अभियान, स्वीडिश सोसाइटी फॉर नेचर कंजर्वेशन (एसएसएनसी) के द्वारा चलाया जा रहा है जिसे भारत में कट्स के सहयोग से संचालित किया जा रहा है | पुरे विश्व में स्थायी खपत को बढ़ावा देने के लिए यह अभियान चलाया जाता है इसमें अफ्रीका, एशिया, यूरोप, उत्तर और दक्षिण अमेरिका के 40 देशों में लगभग 60 संगठन 2021 में अभियान में भाग ले रहे हैं, इसे वैश्विक अभियान के रूप में जाना जाता है । भारत में CUTS इंटरनेशनल का मुख्यालय जयपुर राजस्थान में स्थित है वैश्विक उपभोक्ता वकालत के लिए कार्य करता है |  

अभियान का विषय  का विषय "साझा समुदाय" 2021 है। वर्ष 2018 से अभियान ने साझा करने और सहयोग की संस्कृतियों को प्रोत्साहित करने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। इस वर्ष अभियान केन्द्रित होगा जो वस्तुओं और सेवाओं का स्थाई खपत व टिकाऊ पहुँच स्थापित कर सके | “इस साल का अभियान महामारी के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसका स्थायी खपत पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। महामारी के कारण प्लास्टिक की खपत में जबरदस्त वृद्धि हुई थी; मास्क, दस्ताने, फेस शील्ड, पीपीई किट, सैनिटाइजर बोतल आदि के बढ़ते उपयोग के कारण भारत में सिंगल-यूज प्लास्टिक ने बड़ी वापसी की है। चूंकि काम और शिक्षा ऑनलाइन हो गई है इसलिए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का उपयोग तेजी से बढ़ा, लैपटॉप की बिक्री में वृद्धि हुई। केरल राज्य में ही 400 प्रतिशत और राजस्थान में 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई जिसके कारण एक अनुमान है कि भारत 2021 तक 5.2 मिलियन टन ई-कचरा उत्पन्न करेगा। सार्वजनिक परिवहन की कमी और शारीरिक दूरी के मानदंडों के कारण निजी वाहनों का उपयोग पूर्व महामारी के स्तर से अधिक हो गया। जैविक उत्पादों के उत्पादन और खपत में 70-80% की वृद्धि हुई है, क्योंकि उपभोक्ता प्रतिरक्षा को वायरस से लड़ने के लिए बेहतर मानते हैं।

कट्स इंटरनेशनल के निदेशक जॉर्ज चेरियन ने कहा कि इस साल अभियान इनमें से कुछ मुद्दों को पर केंद्रित होगा। CUTS इंटरनेशनल जीएडब्ल्यू अभियान के संचालन के लिए 12 राज्यों में 12 संगठनों के साथ भागीदारी और समर्थन कर रहा है, वे राज्य हैं: राजस्थान के अलावा आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड। यह स्थायी खपत पर काम करने वाले संगठनों का एक नेटवर्क बनाने में मदद करेगा और वसूली योजनाओं के पुनर्निर्माण के लिए सामूहिक वकालत को मजबूत करेगा जो मौजूदा रुझानों को उलट देगा और खपत पैटर्न को अधिक टिकाऊ भविष्य की ओर बदल देगा, श्री चेरियन ने कहा।

छत्तीसगढ़ में यह अभियान अनमोल फाउंडेशन रायपुर के साथ मिलकर संचालित किया जा रहा है जिसकी शुरुआत ४ अक्टूबर से की जा रही है | इस अभियान में रायपुर शहर के अंतर्गत कचरा प्रबंधन, किचन वेस्ट प्रबंधन, ई वेस्ट प्रबंधन, प्रदुषण से बचाव के तरीकों आदि पर लोगों को जागरूक किया जाएगा |

संजय शर्मा –निदेशक - अनमोल फाउंडेशन रायपुर छत्तीसगढ़

यूथ चैंपियन–स्वराज संवाद

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