Sunday, 18 May 2025

नौकरी नहीं मिली तो खेती से कमाई कर रहे लाखों रुपए

सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के नवानगर ग्राम पंचायत के हरिजन पारा में रहने वाले मकरध्वज पैकरा ने 10वी  तक पढ़ाई कर नौकरी के लिए काफी प्रयास किया लेकिब जब नौकरी नहीं मिली तो फिर खेती के लिए विचार करना शुरू किया । उसी संस्था ग्राम अधिकार मंच द्वारा किसानों को एक्सपोजर के द्वारा रेनुकूट के पास एक एनजीओ में ले जाया गया जहां खेती करने के बहुत सारे तरीके देखे और सीखे । एक्सपोजर में तो कई गांव से कई किसान गए थे लेकिन नवानगर में सिर्फ मकरध्वज ने ही आने के बाद कृषि कार्य को अपनाया । 

मकरध्वज पहले एक एकड़ में अदरक की खेती से शुरुआत किया था आए अच्छा मुनाफा हुआ तो रुचि और बढ़ गई और फिर मिर्ची, बैगन, टमाटर और धान तथा गन्ने की फसल लेना शुरू किए हर साल एक -एक फसल बढ़ाते चले गए । एक एकड़ में लगभग 10 से 15 हजार रुपए खर्च होता है और उससे 80 से 90 हजार रुपए कमाई हो जाता है इस तरह अलग अलग खेती करके लाखों रुपए सालाना कमा रहे है । इस खेती में मकरध्वज स्वंय व उनकी पत्नी और दो बच्चे तथा बहुये सभी मदद करती करती है । खेती से पूरे परिवार को रोजगार मिला हुआ है । सुबह 4 बजे भोर से पूरा परिवार खेती के कामों में जुट जाता है । शाम को बैगन तोड़कर लाए कुछ रात में खराब बैगन की छटनी की कुछ सुबह 4 बजे से उठाकर पूरा परिवार लगा रहा  सुबह गाड़ी आई और मंडी भेज दिए आए परिवार खेत चला गया । दिन रात मेहनत का परिणाम इन्हें सफलता की राह पर ले आया । अभी संस्था की मदद से मशरूम उत्पादन भी शुरू करने वाले है । इनकी मेहनत और सफलता को देखते हुए गांव में और भी लोग कृषि को अपनाकर नई नई पद्धतियों का उपयोग कर कृषि कार्य कर रहे है । आज मकरध्वज अपने गांव व आसपास के गांव के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए है और दुसरों को भी मेहनत कर खेती को बढ़ाने की सलाह देते हैं 

तेंदूपत्ता की तोड़ाई का समय बढ़ाया जाना चाहिए

अक्षय तृतीया के बाद तेंदूपत्ता की खरीदी शुरू होती है उसके बाद ही लोग तेंदूपत्ता की तोड़ाई करते है ताकि बेच सकें । कुछ साल पहले तक तेंदूपत्ता की खरीदी महीने भर लगभग होती थी अब सिर्फ एक हप्ते या 15 दिन ही होती है जिससे लोग अच्छी आय नही कर पाते । 

वन आधारित आजीविका के स्रोतों में से एक स्रोत है तेंदूपत्ता जिसके पौधों की संख्या दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है इसके कई कारण हो सकते है जैसा संग्रहको ने बताया कि कुछ तो पेड़ों के काटे जाने से कमी आई और कुछ जंगल मे आग की वजह से कमी आई । 

वैसे तेंदूपत्ता तोड़ाई से पहले प्रूनिंग की भी व्यवस्था हैओ लेकिन जिम्मेदार इसे अब कराते ही नही है। प्रूनिंग समय पर हो जाए तो अच्छे पत्ते पेड़ों पर निकलते है जिससे ज्यादा पत्ते तोड़ाई हो पाते है । कम तोड़ाई होने से लोगों को नुकसान हो ही रहा है साथ ही सरकार को भी नुकसान होता है लेकिन कोई फर्क नही पड़ता । 

लोगों की इच्छा है कि जनभागीदारी से पौधे लगाए जाएं ताकि खरीदी का समय भी बढ़ाया जाना चाहिए ताकि गर्मियों में जब उनके पास खेती नही होती उस समय इससे अच्छी आय अर्जित कर सके जिससे आजीविका सुरक्षित हो सके । 

#forest #tendupatta #pruning #environment #livelihood #income #empowerment 

Wednesday, 14 May 2025

प्रकृति हमारी निःस्वार्थ सेवा करती है

पौधरोपण के नाम पर वृक्षारोपण के नाम पर लोग वृक्ष तो खूब लगाते है लेकिन वो वनों में परिवर्तित होते नजर नहीं आ रहे । 
प्राकृतिक वन आए प्राकृतिक वृक्षों का अपना महत्व है चिड़िया भी घोसला वहीं बनाती है जहां उसे सुरक्षा महसूस होता है जो उसके अनुकूल होता है और उसके अनुकूल सिर्फ पारम्परिक वृक्ष ही होते है । वो कभी कलमी पौधे या आधुनिक समय के पौधो पर घर नही बनाते यहां तक कि नन्हे नही जीव भी उसपर आश्रय नही बनाते । 
प्राकृतिक पौधों में ठंडक होती है घनत्व होता है जो छाया देता है तो साथ मे शीतलता भी प्रदान करता है । 
प्राकृतिक पौधों का जो जड़ होता है वो मिट्टी के छरण को रोकता है अधिकांश प्राकृतिक पेड़ पौधे दवाइयों के काम आते है जो फलदार होते है वो फल देते है उनके फल भी सेहत के फायदेमंद होते उनमें विटामिन्स भरपूर मात्रा में पाए जाते है । जो फल नहीं भी देते है उनमें से भी अधिकांश मेडिसिनल होते है । 
प्रकृति की संरचना ऐसी है कि पत्थर , बालू, मिट्टी, घास, पेड़ - पौधे, छोटी -छोटी झाड़ियां सभी आपस मे एक दूसरे के बहुत ही घनिष्ट मित्र होते है और आपसे में एक दूसरे की मदद करते है । और ये सब सिर्फ आपस मे मित्र नही होते बल्कि वे हम मनुष्यों के भी बहुत अच्छे दोस्त होते हैं । 
हम उनके दोस्ती को नहीं समझते हैं और उन्हें थोड़े से लालच के लिए नष्ट करते जा रहे हैं । 
हम सबको उनकी दोस्ती और प्रेम को समझना होगा उनके निस्वार्थ सम्मान व समर्पण को समझना होगा उन्हें गले लगाना होगा उन्हें बचाना होगा । 

Tuesday, 6 May 2025

मैट्स में एक युद्ध नशे के विरुद्ध व बाल विवाह मुक्त रायपुर विषय पर कार्यशाला सम्पन्न

महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर व मैट्स यूनिवर्सिटी रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में *एक युद्ध नशे के विरुद्ध व बाल विवाह मुक्त रायपुर* विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर अतिथि शामिल अपने शासन की पहल, कानून व्यवस्था व अनुभव साझा किए ।
कार्यक्रम में मुख्यातिथि डॉक्टर दिनेश मिश्रा नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं अध्यक्ष अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति , साथ ही अन्य अतिथिगणों में विपिन ठाकुर राज्य समन्वयक बचपन बचाओ आंदोलन संजय जी महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर व डॉक्टर पुरुषोत्तम चंद्राकर सदस्य बाल संरक्षण समिति व  डॉक्टर दीनानाथ यादव विभागाध्यक्ष समाज कार्य मैट्स यूनिवर्सिटी रायपुर शामिल रहे । 
प्रतिभागियों में मैट्स यूनिवर्सिटी के छात्र - छात्राओं ने भाग लिया 

Saturday, 29 March 2025

अम्बिकापुर: नशा व तनाव से दूर रहने स्वच्छता श्रमवीरों को सुझाव

सरगुजा पुलिस एवं स्वैच्छिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान् में संचालित नवा बिहान नशामुक्ति जागरूकता अभियान एवं परामर्श केंद्र द्वारा पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो के कुशल नेतृत्व में 
सरगुजा जिले को नशा मुक्त बनाने के अभियान के तहत् शहर को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाये रखने में अहम भूमिका निभाने वाले स्वच्छता सेवक श्रम वीरों को नशे की लत से मुक्ति एवं तनाव मुक्त बनाने हेतु शिविर का आयोजन किया गया जिसमें 
स्वच्छता श्रम वीरों को शिविर में  अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा तनाव मुक्त जीवन जीने हेतु तनाव प्रबंधन एवं तनाव से दूर रहने का उपाय, योग, ध्यान, प्राणायाम एवं आध्यात्म के सम्बंध में चर्चा किया गया। श्रमवीरों को स्वयं, परिवार एवं राष्ट्र को सुखद्, शान्ति एवं समृद्धि के लिए जीवन जीने की कला के बारे में व्यापक जानकारी दी गई । शिविर पश्चात् स्वच्छता श्रम वीरों  के चेहरे पर खुशी झलक रही थी। दुसरे चरण के शिविर में अधिक से अधिक स्वच्छता श्रम वीर सहभागिता सुनिश्चित करने का आश्वासन स्वच्छता श्रम वीरों ने दिया। श्रमवीरों को जागरूक करने में समाज सेवी व प्रशिक्षक मंगल पांडेय,अजय तिवारी व अनिल मिश्रा की भूमिका सराहनीय रही ।

Sunday, 12 January 2025

विवेकानंद जयंती पर स्वैच्छिक संस्थाओं ने विभिन्न कार्यक्रमों का किया आयोजन



अम्बिकापुर/ युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी  के जयंती के अवसर पर स्थानीय घड़ी चौक में स्थित स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर नवा बिहान  नशामुक्ति अम्बिकापुर के सदस्यों के  द्वारा  माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद जी के संदेशों का वाचन किया गया ।तथा उनके द्वारा समाज एवं राष्ट्र के प्रति बताये गये विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का सभी ने संकल्प लिया। 
इस दौरान नवा बिहान नशा मुक्ति परामर्श केंद्र के सभा कक्ष में आयोजित संगोष्ठी में नवा बिहान के संयोजक एवं मुख्य कार्यकारी चिराग सोशल वेलफेयर सोसायटी अम्बिकापुर मंगल पाण्डेय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार और उनके समाज व राष्ट्र के लिए किया गया कार्य हर पीढ़ी के लिए शिक्षाप्रद एवं उनके द्वारा बताये गये राह पर चलने को प्रेरित करेगा। न सिर्फ युवाओं को बल्कि समस्त वर्ग को स्वामी विवेकानंद के विचार प्रेरित करता है। 
कवि एवं नवा बिहान नशामुक्ति परामर्श केंद्र के काउन्सलर  -वरिष्ठ समाजसेवी कवि , साहित्यकार संतोष दास "सरल " ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कविता की पंक्ति -"बढ़ो संकल्पित लक्ष्य लिए, नियति से करो द्वंद्व, संघर्ष, परिश्रम, त्याग, तप से तुम बनो विवेकानंद " कहते हुए कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद को केवल जानना पर्याप्त नहीं है, हम सब समाजसेवा से जुड़े हुए हैं, उनके द्वारा बताये गये विचारों में से किसी एक विषय पर भी ईमानदारी से आगे बढ़े, तो समाज में परिवर्तन लाने की दिशा में बेहतर कार्य कर सकते हैं। 

संगोष्ठी को अपने विचारों को रखते हुए नवा विहान के काउन्सलर  वरिष्ठ सदस्य एवं आर्ट ऑफ लिविंग के सरगुजा प्रभारी अजय तिवारी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए योग और अध्यात्म के प्रति उनके जुड़ाव की जानकारी दी कि हम कैसे विवेकानंद बने। 

कार्यक्रम का संचालन नवा बिहान नशा मुक्ति के समन्वयक एवं सीजीपीवीएस के मुख्य कार्यकारी अनिल  कुमार मिश्रा ने किया। इस दौरान समाजसेवी विजय शंकर तिवारी,  विवेक दुबे, मुकेश तिवारी,अंचल ओझा, उमाशंकर पाण्डेय, संतोष तिवारी,अमृत लाल प्रधान,विजय उपाध्याय, हिना खान, अंचल सिन्हा,मनोज सिंह, वेदान्त तिवारी, ,नीरज वर्मा, तपेश्वर एवं गजेन्द्र कुमार उपस्थित रहे।

Saturday, 11 January 2025

गांधी उद्यान रायपुर में विशाल फ्लावर शो का आयोजन

गांधी उद्यान रायपुर में 10 जनवरी2025 से तीन दिवसीय फूल, फल व सब्जी प्रदर्शनी व प्रतियोगिता का आयोजन प्रकृति की ओर सोसाइटी द्वारा आयोजित किया गया है । इस कार्यक्रम में देश के अन्य राज्यों व शहरों से लोगों ने भाग लिया । इस कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि मंत्री रामविचार नेताम द्वारा क्रिया गया । मंतरके ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन कराने की बात कही । 
प्रदर्शनी में बहुतायत प्रकार के फूल व बोनसाई पौधे आकर्षक के केंद्र है । स्कूली बच्चों द्वारा फूलों व फलों तथा सब्जी दे बनाई गई रंगोली लोगों को बहुत आकर्षित कर रही है । 

यूथ चैंपियन–स्वराज संवाद

दिनांक: 22 सितंबर 2026 | माध्यम: ऑनलाइन प्रतिभागिता: 6 जिलों से 10 युवा बैठक का उद्देश्य “स्वराज के विचारों को कैसे मजबूत करें औ...