Thursday, 1 November 2018

अन्नपूर्णा योजना

क्रियान्वयन एजंसी - कृषि विभाग
कार्यक्षेत्र - सम्पूर्ण छत्तीसगढ़
योजना का उद्देश्य - धान फसल के प्रामाणिक बीज के लिए कृषकों को आत्मनिर्भर करना
हितग्राही की पात्रता - सभी श्रेणी के कृषक योजना में लाभान्वित किए जाते है परंतु लघु सीमांत अनु.जाति/जनजाति एवं महिला कृषकों को प्राथमिकता दी जाती है ।
मिलने वाला लाभ - बीज अदला बदली योजना , बीज वितरण संस्था द्वारा अदला - बदली में प्रदाय बीज पर 75 प्रतिशत अनुदान या अधिकतम रुपए 1500/- की सीमा में लघु एंव सीमांत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कृषकों को रहेगी ।
आवेदन की प्रक्रिया- क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा कृषकों का चयन कर ग्राम पंचायत की अनुसंसा के पश्चात वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के माध्यम से उप संचालक कृषि को प्रेषित किया जाता है ।
चयन की प्रक्रिया - जिला पंचायत के कृषि स्थाई समिति द्वारा कृषकों का चयन किया जाता है ।
आवेदन भेजने का पता - उप संचालक (कृषि) सम्बंधित जिला केंद्र द्वारा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकास खंड ।

खलिहान अग्नि दुर्घटना बीमा योजना

क्रियान्वयन एजेंसी - कृषि विभाग
कार्यक्षेत्र - छत्तीसगढ़ राज्य के तहसीलों के समस्त कृषक
योजना का उद्देश्य - खलिहानों में सिंचाई हेतु रखी गई फसलों / उपज के अग्नि दुर्घटना से हुई क्षति की पूर्ति करना ।
मिलने वाला लाभ- सीमांत कृषक (2.5 से 5 एकड़ तक) अधिकतम 2500/- रुपए या वास्तविक आंकलित क्षति जो भी कम हो
लघु कृषक (2.5 से 5 एकड़ तक) अधिकतम 5000/- रुपए या वास्तविक आंकलित क्षति जो भी कम हो ।
दीर्घ कृषक (2.5 से 5 एकड़ तक ) अधिकतम 10000/- रुपए या वास्तविक आंकलित क्षति जो भी कम हो ।
चयन की प्रक्रिया - क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा कृषकों का चयन कर ग्राम पंचायत की अनुसंसा के पश्चात वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के माध्यम से जिला पंचायत के कृषि स्थाई समिति द्वारा कृषकों का चयन किया जाता है ।

लघु सिंचाई योजना

क्रियान्वयन एजेंसी - कृषि विभाग
कार्यक्षेत्र - सम्पूर्ण छत्तीसगढ़
योजना का उद्देश्य - सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि करना
हितग्राही की पात्रता - सभी श्रेणी के कृषक योजना में लाभान्वित किए जाते है, परन्तु लघु सीमांत, अनु. जाति/ जनजाति एवं महिला कृषकों को प्राथमिकता दी जाती है ।
मिलने वाले लाभ - नाबार्ड द्वारा अनुमोदित या जिले में प्रचलित दर पर खनन की लागत दरों में से जो भी कम हो उसका 50 प्रतिशत या 8000 रुपया जो भी कम हो अनुदान देय है।
चयन की प्रक्रिया - जिला पंचायत के कृषि स्थाई समिति द्वारा कृषकों का चयन किया जाता है ।
आवेदन की प्रक्रिया - क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा कृषकों का चयन कर ग्राम पंचायत की अनुशंसा के पश्चात वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के माध्यम से जिला के कृषि स्थाई समिति द्वारा कृषकों का चयन किया जाता है ।

लघु सिंचाई योजना ( लघु/ सीमांत कृषकों हेतु लो-लिफ्ट पम्प योजना)

क्रियान्वयन एजेंसी - कृषि विभाग
कार्यक्षेत्र- सम्पूर्ण छत्तीसगढ़
योजना का उद्देश्य- सिंचाई क्षेत्र में वृध्दि करना
हितग्राही की पात्रता - योजनांतर्गत अनुदान दिए जाने का प्रावधान वर्ष 2005 -06 से लागू है । योजनान्तर्गत75 प्रतिशत केंद्र प्रवर्तित मैक्रो मैनेजमेंट योजना में लिफ्ट पम्प पर 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है । राज्य के लघु / सीमांत वर्ग के सभी कृषकों को इस पम्प पर 50 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान राज्य शासन द्वारा दिया जा रहा है इस प्रकार कुल 75 प्रतिशत अनुदान लघु/सीमांत कृषकों को देय है ।
मिलने वाला लाभ - 40 हेक्टेयर तक सिंचाई क्षमता वाले तालाबों का निर्माण शत प्रतिशत शासकीय व्यय पर तालाब निर्मित किए जाते है ।
चयन की प्रक्रिया - जिला पंचायत के कृषि स्थाई समिति द्वारा कृषकों का चयन किया जाता है ।
आवेदन की प्रक्रिया - क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा कृषकों का चयन कर ग्राम पंचायत की अनुसंसा के पश्चात वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी के माध्यम से जिला पंचायत के कृषि स्थाई समिति द्वारा कृषकों का चयन किया जाता है ।

Tuesday, 25 September 2018

शाकम्भरी योजना


क्रियान्वयन एजेंसी – कृषि विभाग
कार्यक्षेत्र – सम्पूर्ण छत्तीसगढ़
योजना का उद्देश्य – सिचाई क्षेत्र में वृद्धि करना
हितग्राही की पात्रता –
(क) योजनान्तर्गत अनुदान दिए जाने का वर्तमान प्रावधान वर्ष २००५ में लागू है योजनान्तर्गत राशि १७१००.
50 प्रतिशत लघु एवं सीमान्त वर्ग के सभी कृषकों को 5 एच पी तक के डीजल/ विद्युत् पम्प / केरोस्हीं पम्प तथा कूप निर्माण कार्य पर क्रमश: 75% एवं 50% अनुदान राज्य सरकार द्वारा देय है |
(ख) डीजल/ केरोसीन/विद्युत् पम्प योजनान्तर्गत अनुदान दिए जाने का वर्तमान प्रावधान वर्ष २००६ से लागू है | योजनान्तर्गत राशि ११६२५ /- 75 प्रतिशत एवं 50 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार द्वारा देय है |
मिलने वाला लाभ- 40 हेक्टेयर तक सिचाई क्षमता वाले तालाबों का निर्माण शत-प्रतिशत शासकीय व्यय पर तालाब निर्मित किए जाते है |
चयन प्रक्रिया – जिला पंचायत के कृषि स्थाई समिति द्वारा कृषकों का चयन किया जाता है |
आवेदन की प्रक्रिया – क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा कृषकों का चयन कर ग्राम पंचायत की अनुशंसा के पश्चात वरिष्ट कृषि विस्तार अधिकारी के माध्यम से जिला पंचायत के स्थाई समिति द्वारा कृषकों का चयन किया जाता है |

किसान काल सेंटर


कृषि विभाग ने किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए 1551 नम्बर का टोल फ्री टेलीफोन युक्त किसान काल सेंटर भी स्थापित किया है | किसान इस काल सेंटर पर किसी भी स्थान से फोन कर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विअग्यनिकों और विशेषज्ञों से निशुल्क जानकारी प्राप्त करा सकते है | सुविधा शुरू होने से लेकर अब तक लगभग हजारों किसानो ने अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त कर लिया है | आदिवासी भाइयों आप कृषि संबंधी किसी भी जानकारी हेतु उक्त नम्बर पर निशुल्क बात कर सकते है |

आत्मा योजना


आत्मा योजना के तहत संचालित फ़ार्म स्कूलों और प्रशिक्षणों के माध्यम से जानकारी प्राप्त क्र बस्तर जिले के आदिवासी किसानों द्वारा कोदो, कुटकी,सांवा और रागी जैसी लघु धान्य फसलों को परिस्कृत कर विशेष पैकिंग करके मुम्बई, दिल्ली और बंगलौर में आयोजित राष्ट्रीय व्यापार मेले में ८० से १२० रुपए प्रति किलो की उचित दर पर बेचकर लाभ कमाया है |
इन लघु धान्यों के औषधीय और पोष्टिक गुणों के कारण विदेशी पर्यटकों और वैज्ञानिकों ने भी इन्हें सराहा है |

खाद्य सहायता के डिजिटलीकरण एवं खाद्य सुरक्षा पर दो दिवसीय कार्यशाला में सहभागिता

Writing खाद्य सहायता के डिजिटलीकरण एवं खाद्य सुरक्षा पर दो दिवसीय कार्यशाला में सहभागिता 📍 जन स्वास्थ्य सहयोग (JSS), गनियारी, बिलासपुर, छत्...