Tuesday, 25 September 2018

लघु सिचाई योजना ( तालाब )


क्रियान्वयन एजेंसी – कृषि विभाग
कार्यक्षेत्र – सम्पूर्ण छत्तीसगढ़
योजना का उद्देश्य – सिचाई क्षेत्र में वृद्धि करना |
हितग्राही की पात्रता – सभी श्रेणी के कृषक योजना में लाभान्वित किए जाते है, परन्तु लघु सीमान्त , अनु जाति एवं जन जाति एवं महिला कृषकों को प्राथमिकता दी जाती है |
मिलने वाला लाभ – योजनान्तर्गत अनुदान दिए जाने का वर्तमान प्रावधान 19.०८.१९८१ से लागू है 40 हेक्टेयर तक सिचाई क्षमता वाले तालाबों का निर्माण शत प्रतिशत शासकीय व्यय पर तालाब निर्मित किए जाते है |
चयन की प्रक्रिया – जिला पंचायत के कृषि स्थाई समिति द्वारा कृषकों का चयन किया जाता है |
आवेदन की प्रक्रिया – क्षेत्रीय ग्रामीण विस्तार अधिकारी द्वारा कृषकों का चयन कर ग्राम पंचायत की अनुशंसा के पश्चात वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के माध्यम से जिला पंचायत के कृषि स्थाई समिति द्वारा चयन किया जाता है |

Monday, 24 September 2018

लघु सिंचाई योजना (पम्प प्रतिष्ठान)

कार्यक्षेत्र-सम्पूर्ण छत्तीसगढ़
योजना का उद्देश्य- सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि करना
हितग्राही की पात्रता- सभी श्रेणी के कृषक योज आ में लाभान्वित किए जाते है , परन्तु लघु सीमांत, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति एवं महिला कृषकों को प्राथमिकता दी जाती है ।
मिलने वाला लाभ -
(अ) सामान्य वर्ग - योजनांतर्गत अनुदान दिए जाने का वर्तमान प्रावधान 120.12.2006से लागू है । पम्प एवं सहायक सामग्री की लागत या रुपए 15000/- जो भी कम हो ।
(ब) अजजा/अजा आदिवासी विकास प्राधिकरण क्षेत्र के बाहर के हितग्राही पम्प एवं सहायक सामग्री की लागत या रुपए 15000/- जो भी कम हो ।
(स) योजनांतर्गत अनुदान दिए जाने का वर्तमान प्रावधान 18.08.2008 से लागू है अजजा/अजा आदिवासी विकास प्राधिकरण क्षेत्र के हितग्राही पम्प एवं सहायक सामग्री की लागत या रुपए 25000/- जो भी कम हो ।
चयन की प्रक्रिया-जिला पंचायत के कृषि स्थाई समिति द्वारा कृषकों का चयन किया जाता है
आवेदन की प्रक्रिया- क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा कृषकों का चयन कर ग्राम पंचायत की अनुसंसा के पश्चात वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के माध्यम से जिला पंचायत के कृषि स्थाई समिति द्वारा कृषकों का चयन किया जाता है ।

Friday, 14 September 2018

लघु सिंचाई योजना ( नलकूप योजना )


क्रियान्वयन एजेंसी – कृषि विभाग |
कार्यक्षेत्र – सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ |
योजना का उद्देश्य – सिचाई क्षेत्र में वृद्धि करना |
हितग्राही की पात्रता – सभी श्रेणी के कृषक योजना में लाभान्वित किए जाते है, परन्तु लघु सीमान्त, अनु. जाति / जनजाति एवं महिला कृषकों को प्राथमिकता दी जाती है |
मिलने वाला लाभ –
(अ)   सामान्य वर्ग – योजनान्तर्गत अनुदान दी जाने का वर्तमान प्रावधान २०.१२.२००६ से लागू है खनन लागत का ५०% अधिकतम १०,००० जो भी कम हो | किसान संवृद्धि योजना के अंतर्गत सम्मिलित विकास खंडो को छोड़कर |
(आ) अ.ज.जा./ अ.जा. ( आदिवासी विकास प्राधिकरण क्षेत्र के बाहर के हितग्राही ) खनन लागत का अधकतम १८,००० जो भी कम हो |
(इ)     योजनान्तर्गत अनुदान दी जाने का पवर्तमान प्रावधान १८.०८.२००८ से लागू है ( अ.ज.जा./ अ.जा. आदिवासी विकास प्राधिकरण के हितग्राही )
चयन की प्रक्रिया – जिला पंचायत के कृषि स्थाई समिति द्वारा समिति कृषकों का चयन किया जाता है |
आवेदन की प्रक्रिया – क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा कृषकों का चयन कर ग्राम पंचायत की अनुसंसा के पश्चात वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के माध्यम से जिला पंचायत के कृषि स्थाई समिति द्वारा कृषकों का चयन किया जाता है |



मलेरिया


मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो एनाफिलिज जाती के मादा मच्छर के काटने से फैलता है इसके जीवाणु रक्त में देखे जा सकते है |
मलेरिया के लक्षण
1-      ठण्ड के साथ बुखार अना \
2-      पसीने के साथ बुखार उतरना |
3-      बुखार का हर दुसरे या तीसरे दिन आना |
4-      कंपकपी, बदन व सर दर्द |
मलेरिया से बचाव उपचार
1-      बुखार आने पर रक्त की जांच कराए तथा दवाई की पुरी खुराक खाए |
2-      मच्छरदानी के अंदर सोएं
3-      मच्छर जनित स्थिति को रोकें तथा आसपास पानी जमा न होने दे |
4-      रुके हुए पानी में जमा हुआ तेल या गम्बुजिया मछली डाले |
5-      गर्भवती माताओं एवं छोटे बच्चो को मलेरिया से अधिक ख़तरा रहता है | अत: सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करे|
6-      शासकीय अस्पतालों में जांच तथा उपचार मुफ्त किया जाता है | मलेरिया रोग घातक भी हो सकता है इसका समय पर इलाज न मिलने पर मृत्यु भी हो सकती है अत: गंभीर मरीजों को शीघ्रातिशीघ्र नजदीकी अस्पताल भिजवाएं |

डेंगू नियंत्रण अभियान


कैसे पहचान, कैसे रहे सावधान
डेंगू के लक्षण
·         अकस्मात तेज सिर दर्द व बुखार \
·         मांसपेसियों तथा जोड़ों में दर्द होना |
·         आँख के पीछे दर्द होना, जो की आँखों को घुमाने से बढ़ता है |
·         जी मचलाना एवं उल्टी होना |
·         गंभीर मामलों में नाक, , मुंह, मसूड़ों से खून अथवा त्वचा पर चकते उभरना |
डेंगू से बचाव
·         डेंगू फैलाने वाला मच्छर रुके हुए साफ़ पानी में पनपता है | कही आपके घर में या आसपास पानी तो जमा नहीं है ? जैसे की कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीछे के पानी का बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन व टायर इत्यादि |
·         पानी से भरे बर्तनों व टंकियों आदि को ढँक कर रखे |
·         कूलर को खाली करके सुखा दे |
·         यह मच्छर दिन के समय काटता है | इसे कपडे पहने जो बदन को पुरी तरह ढंके डेंगू के उपचार के लिए कोई ख़ास दवा या वैक्सीन नहीं है | बुखार उतरने के लिए पैरासिटामाल ले सकते है | एस्प्रिन या इबुब्रेफेन का इस्तेमाल अपने आप न करें |
·         डाक्टर की सलाह लें | डेंगू के हर रोगी को प्लेट लेट्स की आवश्यकता नहीं पड़ती |

यूथ चैंपियन–स्वराज संवाद

दिनांक: 22 सितंबर 2026 | माध्यम: ऑनलाइन प्रतिभागिता: 6 जिलों से 10 युवा बैठक का उद्देश्य “स्वराज के विचारों को कैसे मजबूत करें औ...