Sunday, 20 July 2025

पर्यावरण संरक्षण पर अनमोल फाउंडेशन के सीईओ के विचार को दैनिक भास्कर ने दिया स्थान

दैनिक भास्कर समाचार पत्र में पर्यावरण संरक्षण के सम्बंध में अनमोल फाउंडेशन के सीईओ संजय शर्मा का साक्षात्कार को स्थान दिया । फाउंडेशन की तरफ से दैनिक भास्कर को धन्यवाद। 
पर्यावरण संरक्षण आज बहुत जरूरी है और हर एक मनुष्य का कर्तव्य है कि उसके लिए कुछ तो करे ।

शहरों में तो इसकी नितांत आवश्यकता है, विकास के नाम पर पेड़ों को अंधाधुंध कटाई, उद्योगों के द्वारा अंधाधुंध प्रदूषण फैलाने । व्यक्तिगत वाहनों की संख्या व उनसे निकलने वाले धुएं का प्रदूषण, बढ़ती जनसंख्या जैसे कई कारण है। 

इन्ही कारणों से पर्यावरण सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है । मानव जीवन मे पेड़ों का सिर्फ पर्यावरण के दृष्टि से ही महत्व नहीं है बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी बहुत है । हमारे भारत देश मे पेड़ों और पहाड़ों की पूजा की जाती है । 
हर व्यक्ति को इस दिशा में आगे आकर पौधे लगाना चाहिए और उसकी देखरेख करनी चाहिए ।

Friday, 18 July 2025

लीला देवी ने अपने हाथों बांस से बने समान देकर किया स्वागत

कांकेर जिले के खल्लारी ग्राम में महिला लीडर श्रीमती लीला देवी ने अपने द्वारा बनाए गए बांस का सामान स्मृति चिन्ह के रूप में  अनमोल फाउंडेशन के CEO संजय शर्मा को प्रदान कर उनके बीच समय देने व उनकी बातों को सुनने व समझने के लिए आभार व्यक्त किया। 
पारधी समुदाय के लोग बांस का ही समान बनाते हैं, इनकी पूरी आजीविका इसी पर निर्भर है। अब धीरे- धीरे खेती को अपना रहे हैं। 
लेकिन इन्होंने अपने हुनर को छोड़ा नहीं है बल्कि उसे मुख्य आजीविका के स्रोतों में शामिल करके रखा हुआ ।
बांस से बने सामानों से एक निश्चित आय हर माह में अर्जित कर लेते हैं जिससे परिवार के आजीविका में सहयोग मिल जाता है । 

Thursday, 17 July 2025

आय को बढ़ाने किसानों से चर्चा

किसानों के साथ चर्चा कर जानकारी लेते हुए अनमोल फाउंडेशन के CEO संजय शर्मा । 
सिंचाई की समस्या व फसलों के उत्पादन पर बात कर लोगों के अनुभवों के बारे में जाना । 
संजय शर्मा ने त्वरित उत्पादन व आय देने वाली फसलों व कम भूमि वाले किसानों को मिश्रित फसल के सम्बंध में जानकारी साझा की और अपने अनुभव साझा किए । 
पम्पापुर के कोलता पारा के किसानों ने भी खुलकर अपनी बातें रखी व पूर्व में संजय शर्मा के सहयोग से नाले पर बनाए गए चेकडैम के टूट जाने से होने वाली नुकसान पर चर्चा करते हुए उसे फिर से बनाने में मदद करने की मांग रखी ।

Tuesday, 15 July 2025

कुपोषण दूर करने पोषण वाटिका अभियान

सब्जियों के बीज अंकुरित होने लगे हैं और जल्द ही रोपाई के लिए तैयार हो जाएंगे।

अनमोल फाउंडेशन पोषण वाटिका अभियान के तहत वंचित एवं आर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय के परिवारों के साथ अभियान चलाकर सब्जी की खेती को बढ़ावा दे रहा है।
इस अभियान के तहत घर के आसपास सब्ज़ियों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए लोगों को सब्ज़ियाँ दी जा रही हैं। बाकी प्रक्रियाएँ समुदाय के सहयोग से पूरी की जा रही हैं।
फाउंडेशन का उद्देश्य है:
1- समुदाय को सब्जियों के रूप में पौष्टिक भोजन मिले।
2- सभी का स्वास्थ्य बेहतर हो।
3- बच्चों और महिलाओं को सब्जियों से पोषक तत्व मिलें।
4- कोई भी कुपोषण का शिकार न हो।
इन उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए, फाउंडेशन लोगों से सब्जियां उगाने और उन्हें अपने आहार में शामिल करने का आग्रह कर रहा है।

Monday, 14 July 2025

बच्चों को प्रेरित करने के लिए जुड़ाव जरूरी

बच्चों से बातें करना, उनकी भावनाओं को समझना, उन्हें मानसिक व शारिरिक विकास के लिए प्रेरित करना । 
इसके लिए जरूरी है कि आप स्वंय बच्चे बन जाइए । जब आप उनके जैसा बन जाएंगे तो वे आपको फॉलो करेंगे । 
जब फालो करेंगे तब आप वह गतिविधि करें जो उनके शारिरिक व मानसिक विकास के लिए जरूरी हैं । 
यह भी जरूरी है कि कौन बच्चा किस चीज में रुचि ले रहा हैं उसे उसी काम के लिए प्रोत्साहित किया जाए। 
जब हम हर वक्त पढ़ाई पढ़ाई की ही बातें करते हैं तो बच्चे बोर हो जाते हैं और रुचि कम लेते हैं। 
हमे उनके पढ़ाई को रुचिकर बनाने के लिए खेल या मनोरंजन को जोड़कर शिक्षा देनी चाहिए । 
आजकल स्कूलों में यह पद्धति अपनाई जा रही है जो कि सराहनीय है ।
शिक्षक और बच्चे के का जुड़ाव बहुत महत्वपूर्ण है बच्चे भविष्य को बेहतर बनाने में 

Sunday, 13 July 2025

सुविधा सम्पन्न कृषक उत्पादन ले पैसे काम रहे, लघु कृषक अब फसल लगा रहे

मक्के का सीजन चल रहा है, बड़े किसान पहले ही इसकी खेती शुरू कर दिए थे । सुविधा सम्पन्न कृषक हैं वे पहले खेती किए थे उनके फसल तैयार हो गए हैं और बाजार में बिकने आ गए । 
लेकिन हमारे जो लघु कृषक हैं जिनके पास सुविधाओं का आभाव है वे अब मक्के किए फसल लगाए हैं।
अभी पौधे छोटे - छोटे है तभी पत्ते पर कीड़े लग गए है वे पत्ते खा जा रहे । चिंतित किसान के साथ मीटिंग कर उन्हें जैविक दवाइयों निमाष्ट, बर्माष्ट आदि के बारे में जानकारी दी और उनकी मदद करने के लिए अपने सहयोगी को कहा। 
चूंकि किसान पूरी फसल जैविक तरीके से की है तो रासायनिक दवाइयां नही बता सकते ।
वैसे भी हम जैविक खेती को ही बढ़ावा देते है । जहर मुक्त खेती हो ऐसा हम अपने से जुड़े किसानों को तैयार कर रहे हैं। 

Saturday, 12 July 2025

बांस के पारम्परिक उद्योग समस्याओं से जूझ रहे

छत्तीसगढ़ में बांस के बने सामानों की मांग अच्छी है । बंसोड़ व पारधी समुदाय सिर्फ और सिर्फ बांस का ही कार्य करते हैं । 
जैसे जैसे जंगल कम होते गए इन समुदायों का काम भी प्रभावित होता गया ।
अब इनके काम बहुत ही कम हो गए है । इसके मुख्य दो कारण है ।
एक बांस का कम होना 
आर्थिक स्थिति ठीक न होना 
जंगलों में बांस कटते जा रहे हैं जिससे अब बांस आसानी से नहीं मिलता विभाग भी इन्हें बांस उपलब्ध नहीं करा पाता । 
बाहर से अगर बांस खरीदते हैं तो वो महंगा मिलता है लाने ले जाने में खर्चे लगते हैं उसके लिए पैसा होना चाहिए । जिसकी इन समुदायों के पास कमी होती है। 
इनकी आजीविका का मुख्य स्रोत यही है इन्हें अगर आगे बढ़ाना है तो इन्हें सहयोग की जरूरत है ।
वैसे तो अब बांसों से बहुत से सामान बनने लगे हैं । शायद बड़ी बड़ी कंपनियां इसमे कपड़े चारकोल आदि बनाने के लिए आ रही हैं । 
जब बड़े बड़े व्यापारी बांस खरीद कर ले जाएंगे तो स्थानीय स्तर पर बांस की समस्या खड़ी होगी जिसका सबसे ज्यादा प्रभाव इन समुदायों पर पड़ेगा ।
ये समुदाय परम्परागत रूप से इसी काम को करते आ रहे हैं । बड़े व्यापारियों के इस क्षेत्र में आने से इन समुदायों का रोजगार ही मारा जाएगा। 

खाद्य सहायता के डिजिटलीकरण एवं खाद्य सुरक्षा पर दो दिवसीय कार्यशाला में सहभागिता

Writing खाद्य सहायता के डिजिटलीकरण एवं खाद्य सुरक्षा पर दो दिवसीय कार्यशाला में सहभागिता 📍 जन स्वास्थ्य सहयोग (JSS), गनियारी, बिलासपुर, छत्...