Saturday, 23 November 2013

सुरक्षा – आपदा राहत व पुननिर्माण कार्यो में धन की कमी है समस्या ,आई आर डी ए पेश किया सम्पतियो की बीमा सुरक्षा का प्रस्ताव



आपदाओं से होने वाले जान माल के नुकसान का दुष्प्रभाव अर्थव्यवस्था पर पड़ता है | यही वजह है की देश में आपदा प्रबंधन के साथ – साथ आपदाओं के आर्थिक दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए जीवन बीमा की तरह सम्पतियो को बीमा सुरक्षा देने के प्रस्ताव पर विचार चल रहा है |
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को मिला प्रस्ताव
आपदाओं के दौरान सम्पैयो की बीमा सुरक्षा जल्द ही सच्चाई बन जाएगी , क्योकि राष्ट्रीय आपदा प्रंधन प्राधिकरण (एन डी एम् ए ) ने इन्श्योरेंश रेगुलेटरी एन्ड डवलपमेंट अथारिटी ( आई आर डी ए ) के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है | गौरतलब है की आई आर डी ए  ने एम् डी एम् को एक परिचर्चा पत्र सौपा है , जिसका वित्त विभाग से अध्ययन करने के लिए कहा गया है | एक अन्तराष्ट्रीय आकलन के मुताबिक़ , किसी बड़ी आपदा में गैर- बीमाकृत नुकसान ८५ फीसदी होता है , इसलिए एन डी एम् ए का मानमना है की एक पूर्ण व्यवस्थित आपदा जोखिम संबंधी वित्तीय रणनीति की जरुरत है , ताकि अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुचाने वाले प्रभाव से बचा जा सके |
राज्यों पर आता है दबाव
सम्पतियो के बीमा सुरक्षा का प्रस्ताव को यह महसूस करने के बाद लाया गया है की आपदा के बाद की स्थितियों में पुननिर्माण के लिए केंद्र से मिलाने वाले धन के मुकाबले राज्यों को ज्यादा खर्च करना पड़ता है | यह विकास गतिविधियों से धनराशी के पुन: आवंटन की तरफ ले जा सकता है | गौरतलब है की आपदा के बाद होने वाला पुननिर्माण कार्य राज्य में प्राथमिकता वाले दुसरे क्षेत्र से आवंटन को छीन लेता है |
राज्यों को मिलेगी मदद
एन डी एम् ए के एक अधिकारी के मुताबिक़ , अन्तराष्ट्रीय स्तर पर मानी बेहतर व्यवस्था के अनुसार , आपदा के बाद के पुननिर्माण के ले धनराशी की जरुँरत व उपलब्धता के अंतर को बीमा सुरक्षा को लागू करते हुए पूरा किया जा सकता है | गौर तलब है की अभी स्टेट डिजाइनर रिस्पांस फंड ( एस डी ऍफ़ आर ) व नॅशनल डिजाइनर रिस्पांस फंड ( एन डी ऍफ़ आर ) के प्रावधानों के दायरे में न आने वाले राज्यों को आपदा व विभीषिका से सम्बंधित राहत खर्च पूरा करना पड़ता है | हालाकि एस डी ऍफ़ आर से होने वाले धनावंटन की तुलना में राज्यों की तरफा से होने वाला खर्च बहुत ज्यादा होता है , जिसे राज्यों को अपने संसाधनों से पूरा करना पड़ता है |
वित्त आयोग ने लिया संज्ञान
आपदाओं के लिए बीमा का पक्ष रखते हुए आई आर डी ए ने डिजाइनर रिलीफ एन्ड रिस्क ट्रांसफर थ्रू इन्श्योरेंश शीर्षक से अपने पेपर में कहा है की १३ वे वित्त आयोग ने आपदाओं के खर्च को पूरा करने के विषय पर बीमा के बारे में विचार किया था , लेकिन बीमा की पहुच बेहद सीमित होने के चलते आयोग ने कोई सिफारिस नहीं की थी | गौरतलब है की आई आर डी ए ने पानी सिफारिसो में कहा है की आपदा के बाद राहत , मरम्मत व पुननिर्माण के खर्चो को पूरा किए जाने के लिए राज्यों को बीमा खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए | आपदाओं से सम्पतियो को बीमा सुरक्षा से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रतिकूल असर व अन्य प्राथामिकताओं के वंटन में कमी को रोकने में मदद मिलेगी |
साभार – पत्रिका एक्सपोज रायपुर २२.११.२०१३

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