Tuesday, 28 August 2018

आबकारी मामलों में राहत

जन सामान्य को विशेषकर समाज के कमजोर वर्गों को नियम -कानूनों की जानकारी नही होने के कारण वे कई बार आपराधिक प्रकरणों में फंस जाते है , जिससे उन्हें सामाजिक , मानसिक तथा आर्थिक परेशानियों का सामना कई वर्षों तक करना पड़ता है। प्रथम चरण में साधारण वन अपराधों के दो लाख से अधिक प्रकरण समाप्त करते हुए दो लाख बीस हजार अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति परिवारों को राहत पहुचाई थी। अब आबकारी मामलों में ऐसी परेशानियां झेल रहे लाखों परिवारों को राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 के अंतर्गत उपयोजना क्षेत्रों में आदिवासियों के विरुद्ध 31 दिसंबर 2011 तक दर्ज प्रकरण समाप्त करने का निर्णय लिया गया है ।

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