Tuesday, 1 July 2025

जरूरत से ज्यादा अपेक्षा नहीं इसलिए मुस्कुराते हैं

इनके चेहरों की मुस्कुराहट को देखिए । विकास और कनेक्टिविटी से कोसों दूर पर जंगलों के बीच रहने वाले लोगों के चेहरे पर मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि ये लोग सिर्फ जीवन जीने के लिए जरूरत की चीजें की ही अपेक्षा करते हैं । जो इन्हें अपने आसपास मिल जाती हैं । 
ये लोग पीडीएस का राशन लेने 4 किलोमीटर दूर नदी पार कर जाते हैं । ग्राम में 100 परिवार रहते है। घने जंगलों के बीच बसा तुलबुल गांव बेहद ही खूबसूरत है। 
जैसा खूबसूरत गांव है वैसे ही दिलों से खूबसूरत लोग भी यहां रहते हैं । 
मेरा मिलना हुआ इन लोगों से बातचीत कर इनके बारे में जाना । कई जानकारियां हमे मिली । जो हमारे लिए नई थी । कई सुविधाएं यहां तक पहुचती ही नहीं लेकिन ये प्रसन्न हैं । मिल गया तो ठीक नही मिला तो कोई गम नहीं । 
#सीखनेकाअभियान

No comments:

Post a Comment

Co-Creating the Swaraj Learning System (SLS): A National Dialogue on Indigenous Knowledge, Community Learning and Leadership

Co-Creating the Swaraj Learning System (SLS): A National Dialogue on Indigenous Knowledge, Community Learning and Leadership A T...